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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने CM हिमंत बिस्वा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Shantanu Roy
8 April 2026 6:25 PM IST
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने CM हिमंत बिस्वा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
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New Delhi. नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नए सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस की ताकत और दबाव दिखा रहे हैं। पवन खेड़ा ने मीडिया को बताया कि असम में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ी की पूरी जानकारी जनता तक पहुँच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता किसी तरह के डर या धमकी से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना था कि उन्होंने पहले भी
कई सवाल
उठाए थे और अब नए खुलासों और सवालों के साथ मुख्यमंत्री के सामने हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के पीछे छिपकर और अमर्यादित भाषा बोलने से कोई लाभ नहीं होगा। मुख्यमंत्री को अपने कार्यों के लिए जवाबदेह बनना होगा। पवन खेड़ा ने जनता से अपील की कि वे असम में हो रहे भ्रष्टाचार को समझें और अपने मत से फैसले में बदलाव लाएं। पवन खेड़ा ने कहा कि असम की जनता अब मुख्यमंत्री का पूरा रिकॉर्ड जान चुकी है। आपको बता दें कि ये वही पवन खेड़ा हो जो कल हैदराबाद में कल मुंह छुपाकर घूम रहे थे। और जो वीडियो में कुर्ता उन्होंने पहना है वही कुर्ता पहनकर कल वो पुलिस से छिपकर भाग रहे थे। और अब वो वीडियो में भी उस जगह की पहचान छुपाए हुए है जिससे ये साफ़ जाहिर हो रहा है कि वो पुलिस से डरकर भाग रहे है।

जल्द ही अपने फैसले से स्पष्ट संदेश देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सवाल पूछना और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सदस्य किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि जनता को जवाब देने की हिम्मत दिखाएं और किसी भी तरह के पुलिस दबाव या धमकी से पीछा न छुड़ाएँ। इस मामले में पवन खेड़ा ने कहा कि असम के नागरिकों को सच्चाई जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ी की जांच होनी चाहिए और
दोषियों
को कानून के तहत जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। पवन खेड़ा ने मीडिया से कहा कि उनके सवाल केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं हैं, बल्कि असम की जनता के सामने वास्तविक मुद्दों को लाना उनका उद्देश्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि असम की जनता अपने फैसले से साफ संदेश देगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को सुनिश्चित करेगी। इस पूरी घटना ने असम की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं के आरोप और सवाल मुख्यमंत्री के सामने चुनौती के रूप में सामने आ रहे हैं। जनता का ध्यान भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही की ओर केंद्रित हो गया है।
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