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खेती करना सीखेंगे बाल आश्रम के बच्चे

Shantanu Roy
10 July 2026 5:43 PM IST
खेती करना सीखेंगे बाल आश्रम के बच्चे
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Shimla. शिमला। जिला के सभी बाल देखभाल संस्थानों में अब पोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही उन्हें खेती, पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल का व्यावहारिक ज्ञान भी मिलेगा। गुरुवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। उपायुक्त ने बताया कि कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के सहयोग से सभी संस्थानों में जल्द पोषण वाटिकाएं तैयार की जाएंगी। बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वरोजगार, उच्च शिक्षा, विवाह सहायता सहित सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे और युवा तक समयबद्ध व
पारदर्शी तरीके से पहुंचे।


उन्होंने पात्र लाभार्थियों का अद्यतन रिकॉर्ड रखने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संयुक्त कार्रवाई वाले मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया कि जिले के विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में वर्तमान में 425 बच्चे रह रहे हैं। मिशन वात्सल्य के तहत अप्रैल 2025 से अब तक 14 बच्चों को दत्तक माता-पिता मिले हैं, जबकि 90 बच्चों को पालन-पोषण एवं प्रायोजन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। इसी अवधि में 180 नए बच्चों का संस्थानों में प्रवेश हुआ तथा 80 बच्चों और 56 अभिभावकों को परामर्श सेवाएं प्रदान की गई हैं। बैठक में जिला बाल संरक्षण समिति की सदस्य उषा राठौर, किरण औक्टा, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, प्रतिभा राठौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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