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छांगुर बाबा आतंकी कैंप खोलने वाला था, ATS की पूछताछ से हो रहे खुलासे

Nilmani Pal
18 July 2025 7:33 AM IST
छांगुर बाबा आतंकी कैंप खोलने वाला था, ATS की पूछताछ से हो रहे खुलासे
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यूपी। धर्मान्तरण के साथ अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के बारे में रोज नये खुलासे हो रहे हैं। छांगुर अपनी मधपुर उतरौला स्थित कोठी को आतंकी ट्रेनिंग कैम्प बनाने की तैयारी में था। एटीएस ने भी अपने एफआईआर में छांगुर से पूछताछ के बाद इस मामले का जिक्र किया है। एटीएस की एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि छांगुर अपनी एक बड़ी इमारत को टेरर कैम्प के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा था। जो राष्ट्रीय सुरक्षा एवं साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा था।

एटीएस सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों रिमांड के दौरान धर्मान्तरण के आरोपी छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन ने कई राज उगले हैं। एटीएस सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान छांगुर का नेपाल के जरिये आईएसआई से कनेक्शन भी सामने आया है। वह अपनी अलीशान कोठी को आतंकी ट्रेनिंग कैम्प बना रहा था। एटीएस ने अपनी एफआईआर में न सिर्फ इसका जिक्र किया है, बल्कि इसमें यह भी कहा गया है कि उसने विदेशी फंडिंग के जरिये कई लग्जरी गाड़ियों को खरीदने के साथ-साथ प्रमुख जगहों पर जमीनों की खरीद फरोख्त की थी। जो जमीनें उसने खासकर नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में खरीदा था वहां पर भी वह टेरर कैम्प बनाना चाह रहा था।

ईडी के छापे में नीतू उर्फ नसरीन के कमरे में लाल रंग की एक डायरी मिली है। इसमें पुलिस व राजस्व के कई अधिकारियों के नाम हैं। साथ ही कुछ स्थानीय नेताओं के नाम भी लिखे मिले हैं। चर्चा यह रही कि छांगुर के कहने पर नीतू ने यह डायरी बनाई थी। इसमें छांगुर के कहने पर सारा लेन-देन दर्ज किया जाता है। इसमें उन पुलिस व तहसील कर्मियों के भी नाम है जो अक्सर छांगुर से रकम ले जाते थे। इस रकम के बदले वह छांगुर के कामों को करते थे। साथ ही छांगुर के कहने पर जिनकी मदद की जाती थी, उनके भी नाम है। इस डायरी के आधार पर आरोपितों से पूछताछ की जाएगी।

एटीएस की एफआईआर में यह कहा गया है कि धर्मान्तरण के आरोपी छांगुर ने दारूल इस्लाम गुफा नाम से एक मदरसे का निर्माण कराया था, जहां पर विदेशी नागरिकों का आना जाना था। मुश्लिम देशों से आने वाले लोग यहां पर नव जवान युवकों को ट्रेनिंग देते थे। भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के साथ-साथ शरिया कानून को लेकर लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा था। बताया जाता है कि छांगुर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा था।


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