
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी की जांच के बीच SIT को दिए गए चंपत राय का गोपनीय लिखित बयान का एक हिस्सा लीक हो गया है. चंपत राय ने खुद को दानपात्रों से निकली रकम की गिनती, बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों से अलग बताया है. इस बयान को सीधे तौर पर अब ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है.
लीक हुए कथित बयान के मुताबिक चंपत राय ने एसआईटी से कहा है कि दानपात्रों से निकली रकम की गिनती, उसकी सुरक्षा, बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था और बैंक के साथ हुए एमओयू (समझौता ज्ञापन) से उनका कोई संबंध नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि बैंक के साथ हुए एमओयू पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं हैं. नोटों की गिनती की प्रक्रिया में क्या बदलाव हुए, सुरक्षा व्यवस्था में क्या परिवर्तन किए गए और बैंक अधिकारियों के साथ किस स्तर पर निर्णय लिए गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी और वे पूरी प्रक्रिया का हिस्सा भी नहीं थे.
उन्होंने जिस एमओयू का जिक्र किया है, उसके हस्ताक्षरकर्ता के रूप में अनिल मिश्रा का नाम सामने आने की बात कही जा रही है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि चंपत राय ने जांच एजेंसी के सामने अपनी भूमिका सीमित बताते हुए पूरी प्रशासनिक जिम्मेदारी अनिल मिश्रा के हिस्से में छोड़ दी है. बयान सामने आने के कुछ घंटे पहले ही चंपत राय ने सोशल मीडिया X पर रामभक्तों के नाम एक खुला पत्र जारी किया था. यह पूरे विवाद पर उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया थी.
उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को अनर्गल बताते हुए लिखा कि वह पिछले 41 वर्षों से प्रचारक जीवन में हैं और 1991 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उचित समय पर सभी आरोपों का क्रमवार और तथ्यात्मक जवाब देंगे. चंपत राय के इस सार्वजनिक पत्र और उसके तुरंत बाद सामने आए कथित गोपनीय बयान ने अयोध्या का माहौल फिर गर्म कर दिया. ट्रस्ट की बैठक के बाद ऐसा लग रहा था कि विवाद धीरे-धीरे शांत हो जाएगा, लेकिन अब आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है. माना जा रहा है कि इससे ट्रस्ट के भीतर भी नए मतभेद खुलकर सामने आ सकते हैं.
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. बताया जा रहा है कि उन्हें नोटिस भेजा जा चुका है और जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी. दूसरी ओर अयोध्या पुलिस भी गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके.





