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सूरत में चैंबर का मुख्यमंत्री को इंडस्ट्री मुद्दों पर प्रेजेंटेशन

Shantanu Roy
24 April 2026 4:44 PM IST
सूरत में चैंबर का मुख्यमंत्री को इंडस्ट्री मुद्दों पर प्रेजेंटेशन
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Surat. सूरत। सूरत में सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से मुलाकात कर उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में राहत योजनाओं की बहाली, गैस सप्लाई व्यवस्था और श्रमिकों की वापसी जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल में वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला, पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला, ऑनरेरी मिनिस्टर बिजल जरीवाला और ट्रेज़रर CA मितिश मोदी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के सामने उद्योगों की मौजूदा चुनौतियों को रखा और समाधान के लिए कई सुझाव दिए। बैठक में चैंबर ने कोविड काल में लागू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को दोबारा लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उद्योगों को राहत की आवश्यकता है। इसके साथ ही उद्योगपतियों को छह महीने के मोरेटोरियम के साथ कोलैटरल-फ्री लोन देने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि नकदी प्रवाह की समस्या से निपटा जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने गैस सप्लाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण गैस आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर उद्योगों पर पड़ रहा है। विशेष रूप से सूरत का टेक्सटाइल सेक्टर इससे प्रभावित हो रहा है। चैंबर ने मांग की कि गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके। साथ ही यह भी बताया गया कि गैस की कमी के कारण कई मजदूर काम छोड़कर अपने गृह राज्यों की ओर लौट रहे हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए चैंबर ने रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय कर अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि यदि बाहर गए श्रमिकों को वापस सूरत लाने की सुविधा मिलेगी तो उद्योगों की कार्यक्षमता बनी रहेगी। इसके अलावा बैठक में सूरत के पास प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क परियोजना में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त की गई। चैंबर ने राज्य सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता देने और जल्द से जल्द डेवलपर नियुक्त कर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि यह परियोजना सूरत के टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि सूरत पहले से ही देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में जाना जाता है, ऐसे में इस तरह की परियोजनाओं में तेजी लाना जरूरी है ताकि स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिल सके। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने चैंबर की सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के विकास और रोजगार सृजन के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी ‘वाइब्रेंट गुजरात’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक उद्योगपतियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चैंबर से सहयोग भी मांगा, जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। यह बैठक उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित सुझावों पर अमल होता है तो सूरत और पूरे दक्षिण गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल सकता है।
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