केंद्रीय कर्मचारियों को UPS और NPS चुनने 3 महीने का मिला मौका, दोनों योजना के लाभ जानिए?

दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) चुनने के लिए पहले से तय डेडलाइन को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. बता दें कि इस काम को करने के लिए अब सरकार ने नई लास्ट डेट बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दी है. सरकार द्वारा इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी शेयर की गई है.
सोमवार को सरकार द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक, अब तक इस काम के लिए मौजूदा पात्र केंद्रीय कर्मचारियों, रिटायर्ड कर्मचारियों और दिवंगत रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी रूप से विवाहित जीनवसाथियों को इस योजना के तहत यूपीएस और एनपीएस विकल्प चुनने के लिए 30 जून 2025 की लास्ट डेट तय की थी. इसके बाद ये डेडलाइन बढ़ाने के लिए लगातार अनुरोध मिल रहे थे, जिन्हें ध्यान में रखते हुए सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कट ऑफ डेट को तीन महीने आगे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया है. केंद्र सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों को अब UPS-NPS में एक विकल्प चुनने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और वे सोच-समझकर इस पर निर्णय ले सकेंगे. सरकार की ओर से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के लिए आवेदन विंडो इसी साल 1 अप्रैल 2025 को शुरू की गई थी और 30 जून 2025 को ये बंद होने वाली थी. अब इसे 30 सितंबर से आगे बढ़ाए जाने की संभावना कम ही नजर आ रही है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति नई डेडलाइन तक इस योजना के तहत अप्लाई नहीं करता है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि इसके बाद किया गया कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई UPS Scheme ऐसे लोगों को फाइनेंशियल बेनेफिट्स देने के लिए तैयार की गई है, जिन्होंने केंद्र सरकार के कर्मचारी के रूप में कम से कम 10 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं. इसके लाभों पर नजर डालें, तो इसमें छह महीने की एवरेज अंतिम सैलरी और महंगाई भत्ते के आधार पर कैलकुलेशन करके एकमुश्त पेंशन का लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा मासिक टॉप-अप की भी पेशकश भी की जाती है. सबसे खास बात ये है कि इस पेंशन स्कीम में दिवंगत रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी लाइफपार्टनर को भी लाभ मिलता है.





