
अनूप मूल रूप से देवरिया के कुंडौली गांव के रहने वाले थे। अनूप यहां आईटी चौराहे के पास स्थित मारूती शोरूम में सर्विस मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के कारण यहां नौबस्ता कला की वसुंधरा विहार कालोनी में किराए के मकान में रहते थे। अनूप के भाई श्रेयांश के मुताबिक मोहल्ले में विशाल तिवारी का ओयो होटल है। होटल के दूसरे तल पर निर्माण कार्य चल रहा था। भाई गलियारे से गुजर रहा था। इस बीच दूसरे तल की छत से मजदूरों ने सीमेंट के सूखे टुकड़ों से भरी वजनी बोरी बिना देखे नीचे फेंक दी। बोरी भाई के ऊपर गिरी। वजनी बोरी गिरने से भाई का सिर फट गया। वह मौके पर गिर पड़ा। सिर और कान से खून निकल रहा था। शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग दौड़े। होटल संचालक और कर्मचारी भाई को आनन फानन अस्पताल ले जाने के बजाय मलबा हटाते रहे।
एंबुलेंस को बुलाने और फोन करने में देरी करते रहे। काफी देर बाद भाई को लोहिया अस्पताल लेकर जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर चिनहट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी मृतक पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। हादसा लापरवाही के कारण हुआ है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।





