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BREAKING: सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा चिकन बिरयानी
Shantanu Roy
19 Sept 2026 4:31 PM IST

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Chennai. चेन्नई। तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के भोजन में सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी शामिल करने की योजना पर काम कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कहा है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी चाहते हैं कि बच्चों को चिकन बिरयानी का विकल्प मिले। हालांकि, इसे तत्काल पूरे राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। पहले पायलट प्रोजेक्ट के जरिए साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा और बड़े पैमाने पर भोजन तैयार करने की व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। राजमोहन ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए किसी भी नए खाद्य विकल्प को शुरू करने से पहले उसकी पूरी व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। पायलट प्रोजेक्ट में यह देखा जाएगा कि चिकन बिरयानी को स्वच्छ परिस्थितियों में कैसे तैयार किया जाए और सुरक्षित तरीके से विद्यार्थियों तक कैसे पहुंचाया जाए।
मंत्री बोले- बच्चों को क्यों नहीं मिल सकती बिरयानी?
योजना के बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने पुझल जेल का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल किया कि जब जेल में कैदियों को चिकन बिरयानी दी जा सकती है तो स्कूल के बच्चों को यह विकल्प क्यों नहीं मिल सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना को तुरंत लागू करना संभव नहीं है, क्योंकि भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार की योजना पहले सीमित स्तर पर इसे शुरू करने और उससे मिले अनुभव के आधार पर आगे का फैसला करने की है। भोजन तैयार करने, उसकी गुणवत्ता बनाए रखने, स्कूलों तक पहुंचाने और बच्चों को परोसने तक की पूरी व्यवस्था का आकलन किया जाएगा।
जुलाई से विचाराधीन है प्रस्ताव
सरकारी स्कूलों के भोजन में सप्ताह में एक बार चिकन बिरयानी शामिल करने का प्रस्ताव जुलाई 2026 से विचाराधीन है। उस समय मंत्री राजमोहन ने बताया था कि उन्होंने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा है और अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है। मंत्री ने प्रस्ताव के पीछे बच्चों के पोषण को भी एक कारण बताया था। उनका कहना था कि बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है और स्कूल भोजन में मांसाहारी विकल्प शामिल करने के मुद्दे को राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
शाकाहारी बच्चों के लिए जारी रहेगा मौजूदा विकल्प
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि चिकन बिरयानी की योजना लागू होती है तो इसे सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य नहीं किया जाएगा। शाकाहारी भोजन पसंद करने वाले बच्चों के लिए शाकाहारी विकल्प जारी रहेगा, जबकि मांसाहारी भोजन करने वाले विद्यार्थी चिकन बिरयानी चुन सकेंगे। तमिलनाडु में स्कूलों के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की कई योजनाएं पहले से संचालित हैं। सरकार अब भोजन के मेन्यू में विविधता बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, पोषण विशेषज्ञों, शेफ और अभिभावकों को शामिल करते हुए मेन्यू में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल चिकन बिरयानी देने की योजना प्रस्ताव और परीक्षण की प्रक्रिया में है। पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था संतोषजनक रहने के बाद ही इसे बड़े स्तर पर लागू करने पर फैसला लिया जाएगा। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि तमिलनाडु के सभी सरकारी स्कूलों में चिकन बिरयानी देना शुरू हो गया है।
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