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BREAKING: महिला के पेट से दूरबीन तकनीक से निकाला गया 6 किलो बालों का गुच्छा

Shantanu Roy
24 Sept 2025 9:28 PM IST
BREAKING: महिला के पेट से दूरबीन तकनीक से निकाला गया 6 किलो बालों का गुच्छा
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Jaipur. जयपुर। राजकीय पं. दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में एक अनोखी और दुर्लभ चिकित्सा घटना सामने आई है। यहां एक महिला के पेट से कुल 6 किलो वजन का बालों का गुच्छा ऑपरेशन के माध्यम से निकाला गया। यह ऑपरेशन अत्याधुनिक दूरबीन तकनीक की मदद से किया गया, जिससे यह राज्य में ऐसा पहला मामला बन गया है। डॉक्टरों ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इतने बड़े बालों के गुच्छे को पारंपरिक सर्जरी के जरिए ही निकाला जाता है। लेकिन इस केस में तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और कम दर्दनाक ऑपरेशन के लिए दूरबीन तकनीक का प्रयोग किया गया। डॉक्टर मुकेश ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और महिला फिलहाल अस्पताल में निगरानी में है।

मरीज से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसे बाल खाने की आदत है। डॉक्टरों के अनुसार यह एक दुर्लभ मानसिक-चिकित्सीय समस्या है, जिसे गैस्टिक ट्राइकोबिज़ोअर (Gastric Trichobezoar) कहते हैं। इस बीमारी में व्यक्ति अपनी ही बालों को खाने लग जाता है, जिससे पेट में बालों का बड़ा गुच्छा जमा हो जाता है। यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न कर सकती है, जिसमें पेट में दर्द, कब्ज, उल्टी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं।

डॉक्टर मुकेश ने बताया कि महिला ने पहले कई बार पेट में दर्द और असहजता महसूस की, लेकिन उसे इस बीमारी का पता नहीं था। जब जांच के दौरान पेट में बड़े गुच्छे की पुष्टि हुई, तो सर्जरी की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि दूरबीन तकनीक से सर्जरी करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि ऑपरेशन कम चोट और कम रिकवरी समय के साथ सफल हो। ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञ टीम ने पेट के अंदर गुच्छे को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि इतने बड़े बालों का गुच्छा निकालना सामान्य सर्जरी में भी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन दूरबीन तकनीक की मदद से इसे अधिक सुरक्षित तरीके से निकालना संभव हुआ।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह से सुरक्षित और सफल रहा। इस घटना ने चिकित्सा जगत में चर्चा पैदा कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, गैस्टिक ट्राइकोबिज़ोअर जैसी दुर्लभ मानसिक और शारीरिक समस्याओं की पहचान और समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण है। मरीज को अब मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में इस आदत से बचा जा सके। राजकीय अस्पताल के अधिकारी और डॉक्टर इस सफलता पर गर्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे दुर्लभ और जटिल मामलों में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इस सर्जरी के माध्यम से अस्पताल ने राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
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