कोहरे और ठंड के बीच श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाई

अयोध्या। कोहरे और ठंड के बीच श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या स्नान के अवसर पर सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाई.मान्यता है कि आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान-पुण्य करने, भगवान विष्णु और पितरों की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या पर आज स्नान, तर्पण, पूजा और दान के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें किए गए कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है.
मौनी अमावस्या के दिन बताए गए शुभ मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान कर रहे हों, तो तीन बार डुबकी लगाकर सूर्यदेव की ओर मुख करें और हाथ में जल लेकर अर्घ्य अर्पित करें. स्नान और अर्घ्य के समय अपने इष्ट देव का ध्यान करें और पितरों का स्मरण अवश्य करें. जो लोग घर पर स्नान कर रहे हैं, वे नहाने के पानी में गंगाजल मिलाएं. स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, तिल और फूल डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. इसके बाद कुछ समय के लिए मौन रखें. मान्यता है कि आज कुछ घंटों का मौन भी बड़ा पुण्य देता है.
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. सूर्यदेव को जल अर्पित करें.पूजा स्थान पर दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें. विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें और मंत्रों का जप करें.जितना संभव हो, व्रत के दौरान मौन रखें.दिन में सोने से बचें और भगवान का ध्यान करें. शाम को फिर से दीप-धूप जलाकर विष्णु भगवान, माता गंगा और पितरों की पूजा करें.





