
x
छग
New Delhi. नई दिल्ली। बॉलीवुड संगीत और फिल्मों की दुनिया की चर्चित और प्रिय सिंगर सुलक्षणा पंडित का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहीं सुलक्षणा पंडित को हाल ही में नानावती अस्पताल, मुंबई में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन फिल्मी और संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। सुलक्षणा पंडित का जन्म 1954 में मुंबई के एक संगीत परिवार में हुआ था। उनके परिवार में संगीत की गहरी जड़ें थीं। उनके चाचा उस्ताद जसराज एक महान शास्त्रीय सिंगर थे। परिवार में उनके तीन बहनें और तीन भाई भी थे। बचपन से ही फिल्मी और संगीत दुनिया में दिलचस्पी रखने वाली सुलक्षणा ने मात्र 9 वर्ष की उम्र में गाना शुरू कर दिया था और 1967 में रिलीज हुई एक फिल्म में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया।
सुलक्षणा पंडित ने अपनी आवाज़ और अभिनय से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर में 79 से अधिक फिल्मों में गाना गाया और संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी जगह बनाई। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ ने कई हिट गानों को जन्म दिया। वर्ष 1975 में रिलीज हुई फिल्म संकल्प के गाने "तू ही सागर है तू ही किनारा" के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। सुलक्षणा सिर्फ़ एक बेहतरीन सिंगर ही नहीं थीं, बल्कि उन्होंने अभिनय में भी अपना जलवा दिखाया। उन्होंने करीब 30 से अधिक फिल्मों में दमदार किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता। उनकी प्रमुख फिल्मों में दो वक्त की रोटी (1988) में 'गंगा' का किरदार और खामोशी द म्यूजिकल (1996) शामिल हैं। खामोशी में उनके गानों ने फिल्म को और भी यादगार बनाया। उनके अभिनय और गायिकी का संगम उन्हें बॉलीवुड की अनमोल हस्तियों में शामिल करता है।
सुलक्षणा पंडित का निजी जीवन भी बेहद दिलचस्प और भावनात्मक था। वर्ष 1975 में फिल्म उलझन के सेट पर उनका प्यार संजीव कुमार के साथ हुआ। कथित तौर पर सुलक्षणा ने संजीव को शादी का प्रस्ताव दिया, लेकिन संजीव कुमार का दिल हेमा मालिनी की ओर था, इसलिए उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। हालांकि, जब संजीव हेमा से विवाह नहीं कर पाए, तो उनका दिल टूट गया और उन्होंने अविवाहित रहने का निर्णय लिया। सुलक्षणा ने कई पुराने साक्षात्कारों में संजीव कुमार के प्रति अपने गहरे प्रेम का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने कभी किसी से इतना प्यार नहीं किया जितना संजीव से किया। संजीव कुमार को हृदय रोग था, लेकिन उनकी शराब पीने की आदत ने उनकी बीमारी को और बढ़ा दिया। डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद संजीव शराब पीते रहे, जिससे उन्हें 6 नवंबर 1985 को 47 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। यह खबर सुलक्षणा के लिए गहरा सदमा साबित हुई। संजीव के निधन के बाद सुलक्षणा ने लंबे समय तक डिप्रेशन और अकेलेपन का सामना किया और दुनिया से लगभग कट गईं।
सुलक्षणा पंडित का फिल्मी और संगीत करियर कई हिट गानों और यादगार फिल्मों से भरा हुआ है। उनकी आवाज़ और अंदाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है। उन्होंने फिल्मी दुनिया में गायिकी के अलावा अपने अभिनय से भी दर्शकों का दिल जीतने में कामयाबी पाई। उनके योगदान को बॉलीवुड और भारतीय संगीत जगत सदैव याद रखेगा। सुलक्षणा पंडित के निधन से बॉलीवुड और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार और प्रशंसकों को यह खबर बेहद दुःखदाई लगी है। उनके योगदान और मधुर आवाज़ को भारतीय सिनेमा और संगीत जगत हमेशा याद रखेगा। सुलक्षणा पंडित ने अपने जीवन में संगीत और अभिनय के क्षेत्र में कई सफलताओं को हासिल किया। उनका समर्पण और जुनून उन्हें भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग की अमूल्य धरोहर बनाता है। उनका नाम हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में और फिल्मी इतिहास में अमर रहेगा।
Next Story





