
बिहार। गुरुवार को सुबह-सुबह पटना जिले से नाव हादसे की खबर सामने आई है। भोजपुर और बेगूसराय के बीच गंगा नदी पूरी लंबाई में पटना जिले से सटकर गुजरती है। इसी में पटना जिले के बाढ़ के पास यह हादसा हुआ है। 14 लोगों को लेकर निकली नाव अनियंत्रित होकर डूब गई। यह नाव बाढ़ के उमानाथ घाट लौटते समय दियारा में डूबी है। इस हादसे के बाद अब तक तीन की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सात लोग जीवित निकले या निकाले गए हैं। एसडीपीओ राम कृष्ण के अनुसार गायब पांच लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और SDRF को बुलाया गया है। मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने बताया कि 14 लोगों को लेकर यह नाव उमानाथ घाट से निकली थी। इस नाव से हरी सब्जियां आनी थी। दियारे में तेज हवा के झोंके से जूझती हुई यह नाव पलट गई। चीख-पुकार मच गई, क्योंकि ऐसी जगह नाव पलटी, जहां गहराई ज्यादा थी। जो लोग तैरना जानते थे या जिन्हें नाविक बचा सके, वह बाहर निकल आए। अब तक सात लोग निकले, जो जीवित हैं। तीन की मौत हुई है। पांच लोग नदी में गायब बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश चल रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत उमानाथ मंदिर के सामने गंगा नदी में यह नाव पलटी। प्रशासन के अनुसार 14 लोग सवार थे, लेकिन यह संख्या 15-16 रही होगी। नाव पर ज्यादातर बच्चियां और महिलाएं थीं। इस हादसे में मृतकों की पहचान लीला देवी (40), नीलम कुमारी (30) और काशी कुमार (15) के रूप में हुई है। नाव पर सवार सभी लोग बाढ़ थाना अंतर्गत मासूमगंज बिंद टोली के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि अभी भी सात लोग लापता हैं, जिनकी खोजबीन जारी है। यह घटना सुबह लगभग 5 बजे हुई, जब गंगा पार दियारा से सब्जी लादकर एक छोटी नाव पर 15 से 16 लोग सवार होकर उमानाथ मंदिर घाट लौट रहे थे। यह सभी लोग प्रतिदिन सुबह नाव पर सब्जी लादकर लाते थे और उमानाथ मंदिर परिसर में बेचते थे।





