
दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के ख्याला में पिछले दिनों हुई दो हत्या की वारदातों की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ऑनलाइन क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के जरिए बटनदार चाकू मंगवाए थे और इन्हीं से वारदात को अंजाम दिया था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मामलों में इस्तेमाल किए गए चाकू ‘बटनदार’ (स्विच ब्लेड) श्रेणी के थे, जिनकी खरीद-फरोख्त और रखने पर कानूनी पाबंदी है। ऐसे जानलेवा हथियारों का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होना पुलिस के लिए चिंता का विषय है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में ऑनलाइन ऑर्डर से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस को डिलीवरी की तारीख, भुगतान का तरीका और संबंधित स्टोर की जानकारी भी मिली है। इसके आधार पर संबंधित स्टोर और वेयरहाउस की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही कंपनी को नोटिस जारी कर यह पूछा जाएगा कि प्रतिबंधित श्रेणी के चाकू प्लेटफॉर्म पर कैसे उपलब्ध कराए गए। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि क्या विक्रेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया या निगरानी व्यवस्था में कोई चूक हुई। पुलिस अफसरों के मुताबिक, इस तरह की सामग्री का ई-कॉमर्स साइट्स पर बिकना काफी खतरनाक है। ऐसे में मामलों में अपराधी तक पहुंचना भी कई बार मुश्किल हो सकता है। ऐसे में इस तरह के मामलों में सख्ती काफी जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आईटी अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 ई-कॉमर्स साइट्स को अवैध वस्तुओं की लिस्टिंग करने से रोकता है। शिकायत पर सामग्री हटानी होगी। जांच में सहयोग करना होगा। इन अवैध चीजों में बटन दबाते ही खुलने वाले स्विच ब्लेड (बटनदार चाकू), निर्धारित सीमा से अधिक लंबाई की धार वाले चाकू, तलवार, खंजर, आग्नेयास्त्र, तंबाकू, ई-सिगरेट, मादक पदार्थ शामिल है।





