
महाराष्ट्र। मुंबई से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. एक मूक-बधिर महिला ने 16 साल बाद अपने साथ हुए यौन शोषण की आपबीती साझा करते हुए सीरियल यौन अपराधी को बेनकाब किया है. महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी महेश पवार को 13 दिसंबर को अरेस्ट किया. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वर्षों तक सुनने और बोलने में असमर्थ महिलाओं को निशाना बनाकर उनके साथ यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण किया.
एजेंसी के अनुसार, पीड़िता ने हाल ही में उस समय पूरी कहानी बयां की, जब उसी समुदाय की एक अन्य महिला ने आत्महत्या की कोशिश की. इस घटना से सदमे में आई पीड़िता ने वीडियो कॉल के जरिए अपने दोस्तों और सहयोगियों के साथ 2009 में हुए यौन शोषण की जानकारी साझा की. यह बातचीत सांकेतिक भाषा में हुई थी, जिसमें पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ रेप किया था, उस समय वह नाबालिग थी.पीड़िता मुंबई के पश्चिमी उपनगर की रहने वाली है. उसने बताया कि जुलाई 2009 में उसकी दोस्त उसे शहर घुमाने के बहाने सांताक्रूज के वाकोला स्थित आरोपी महेश पवार के घर ले गई थी. वहां आरोपी ने मेरी दोस्त के बर्थडे का बहाना बनाकर समोसे दिए और ड्रिंक दी. उसे जबरन वह ड्रिंक पिलाई गई, जिसमें नशीली चीज मिली थी. कुछ समय बाद उसकी दोस्त वहां से चली गई.
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इस पूरे कृत्य का वीडियो भी बना लिया. बाद में उसी वीडियो के जरिए वह वर्षों तक ब्लैकमेल करता रहा. पीड़िता ने कहा कि इस घटना को लंबे समय तक अपने भीतर दबाकर रखे रही, क्योंकि आरोपी की धमकियों और समाज के डर के चलते वह हौसला नहीं जुटा सकी. जब एक अन्य महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया, इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और सबसे पहले अपने पति को पूरी घटना बताई. इसके बाद थाणे डेफ एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव घैसिस, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद फरहान खान, सांकेतिक भाषा की दुभाषिया मधु केनी और अली यावर जंग राष्ट्रीय श्रवण एवं वाक् दिव्यांग संस्थान के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की मदद से वह पुलिस तक पहुंची. पीड़िता, उसके पति और कुछ मित्र कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां दुभाषिया मधु केनी की मदद से पीड़िता का बयान इन-कैमरा दर्ज किया गया. शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी महेश पवार को पालघर के विरार इलाके से अरेस्ट कर लिया.





