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नाहन। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जिला सिरमौर के प्रवास कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को बागथन में 1 करोड़ 25 लाख रुपए से बनने वालीे जैव नियंत्रण प्रयोगशाला का शिलान्यास किया। इसके उपरांत उन्होंने फल-पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से इस केंद्र के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बागबानी मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बागथन में यह जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला क्षेत्रवासियों के लिए सुरक्षित, अवशेष-मुक्त एवं टिकाऊ बागबानी के विकास में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह भूमि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डा. यशवंत सिंह परमार की जन्मभूमि है।
उन्होंने जिस दूरदर्शिता के साथ बागबानी को हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया, आज हम उसी विचारधारा को आधुनिक, वैज्ञानिक तकनीक और जैविक प्रबंधन के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करते हुए जैविक एजेंटों के माध्यम से फसलों की सुरक्षा को प्रोत्साहित कर रही है ताकि किसान कम लागत में अधिक लाभ अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि कम लागत अधिक लाभ और सुरक्षित उत्पादन प्रदेश सरकार का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को जैविक बागबानी का मॉडल बनाना हमारा लक्ष्य है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो मिट्टी की सेहत सुधरे और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद प्राप्त हों। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी आनंद परमार, एसडीएम प्रियंका चंद्रा, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी, निदेशक बागबानी विभाग डा. सतीश शर्मा, उपनिदेशक डा. संतोष बक्शी तथा डा. बीएम चौहान सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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