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बिलासपुर एम्स विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में ठप पड़ी गैस्ट्रो ओपीडी

Shantanu Roy
6 Oct 2025 5:15 PM IST
बिलासपुर एम्स विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में ठप पड़ी गैस्ट्रो ओपीडी
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Bilaspur. बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में गैस्ट्रोएंटोलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी रन नहीं कर पा रही। इसके पीछे विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव मुख्य कारण है। हालांकि मेडिसिन डिपार्टमेंट के विशेषज्ञ चिकित्सक ही ऐसे मरीजों की प्राथमिक जांच कर रहे हैं, जबकि पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित जटिल मामलों को आगे की जांच और उपचार के लिए एम्स दिल्ली रैफर करना पड़ रहा है या फिर मरीज ईलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने को विवश हैं। गौर रहे कि एम्स में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग तो स्थापित है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर (गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट) की नियुक्ति न होने के कारण इसकी नियमित ओपीडी शुरू नहीं हो सकी है। इससे प्रदेश के लोगों को पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के लिए यहां उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में ऐसे में उन्हें अन्य राज्यों विशेषकर दिल्ली एम्स का रुख करना पड़ रहा है। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी चिकित्सा की वह विशेष शाखा है जो पेट, आंत, लीवर, पित्ताशय और अग्नाशय जैसे अंगों से जुड़ी बीमारियों के इलाज से संबंधित है।

इनमें गैस और एसिडिटी, पेट दर्द और अल्सर, लीवर संबंधी विकार, पित्ताशय में पथरी और आंतों में संक्रमण या ब्लॉकेज शामिल है। इन बीमारियों का उपचार गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट करते हैं जो मेडिसिन विभाग से संबंधित विशेषज्ञ होते हैं। फिलहाल एम्स में मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक ही ऐसे मरीजों की प्राथमिक जांच कर रहे हैं। जटिल मामलों को आगे की जांच और उपचार के लिए एम्स दिल्ली रैफर किया जा रहा है। एम्स प्रबंधन ने इस समस्या के निदान के लिए एक विशेष रेफरल मैकेनिज्म तैयार किया है। इसके तहत बिलासपुर एम्स से रेफर किए गए मरीजों को एम्स दिल्ली में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती किया जाता है। इतना ही नहीं मरीज के साथ गए तीमारदार को भी एम्स के गेस्ट हाउस में ठहरने की सुविधा मिल जाती है। इस व्यवस्था से मरीजों और उनके परिजनों को दिल्ली में ठहरने, अप्वाइंटमेंट पाने और ईलाज शुरू कराने में कुछ सहूलियत जरूर मिल रही है लेकिन दिल्ली जाने में समय और आर्थिक नुकसान अभी भी एक चुनौती है।
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