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BIG BREAKING: ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ सभी संघीय अनुबंध होंगे रद्द

Shantanu Roy
27 May 2025 8:29 PM IST
BIG BREAKING: ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ सभी संघीय अनुबंध होंगे रद्द
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Washington. वॉशिंगटन। अमेरिका की राजनीति और शिक्षा जगत में हलचल मचाते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा और विवादास्पद फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ जुड़े सभी बचे हुए संघीय अनुबंधों को रद्द करने का ऐलान किया है। इन अनुबंधों की अनुमानित कुल राशि लगभग 100 मिलियन डॉलर (करीब 833 करोड़ रुपए) बताई जा रही है। यह फैसला देश की शीर्ष शैक्षणिक संस्था और संघीय सरकार के बीच बढ़ते तनाव को और गहराता हुआ प्रतीत होता है।

संघीय एजेंसियों को निर्देश, अनुबंधों की समीक्षा कर करें रद्द
राष्ट्रपति ट्रंप के इस आदेश के तहत सभी सरकारी एजेंसियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से संबंधित "गैर-जरूरी संघीय अनुबंधों" की गहन समीक्षा करें और उन्हें समाप्त करें। व्हाइट हाउस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कदम "राष्ट्रीय संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग और जवाबदेही" सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्रेस सचिव ने बयान में कहा, “हार्वर्ड जैसे संस्थान, जिन्हें पहले ही निजी दान और ट्यूशन फीस से विशाल आर्थिक सहयोग मिलता है, उन्हें अतिरिक्त संघीय सहायता की आवश्यकता नहीं है। ट्रंप प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि करदाताओं के पैसे का प्रयोग उन परियोजनाओं में हो जो वाकई जनहित में हों।”

2.65 बिलियन डॉलर की फंडिंग में पहले ही हो चुकी है कटौती
इससे पहले भी संघीय सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को मिलने वाली 2.65 बिलियन डॉलर की फंडिंग में कटौती की थी। यह कटौती अनुसंधान परियोजनाओं, विज्ञान व तकनीकी विकास, और शैक्षिक अनुदानों को प्रभावित करने वाली थी। अब अनुबंध रद्द करने का नया आदेश, दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। विश्व स्तर पर मशहूर आइवी लीग विश्वविद्यालयों में से एक हार्वर्ड, न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए शैक्षिक केंद्र रहा है। सरकार के इस कदम को कई विशेषज्ञ राजनीतिक बदले की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया
फिलहाल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, “यह निर्णय अकादमिक स्वतंत्रता और अनुसंधान के भविष्य पर गहरा प्रभाव डालेगा। संघीय अनुबंधों के ज़रिए हम कैंसर अनुसंधान, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, और एआई प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहे थे। इनका रद्द होना केवल विश्वविद्यालय को नहीं, बल्कि पूरी मानवता को प्रभावित करेगा।”
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