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BIG BREAKING: 10 सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे राहुल गांधी

Shantanu Roy
9 Oct 2026 8:01 PM IST
BIG BREAKING: 10 सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे राहुल गांधी
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New Delhi. नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों का विरोध जारी है। शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र हुए और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय मांगा है। राष्ट्रपति भवन की ओर से करीब 10 सांसदों को शुक्रवार रात 8 बजे मिलने का समय दिया गया है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संसद परिसर में विपक्षी सांसद एक बड़ा बैनर लेकर पहुंचे, जिस पर 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' लिखा हुआ था। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
राष्ट्रपति भवन के रास्ते पर सुरक्षा बढ़ाई गई
विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन और राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात को देखते हुए रायसीना हिल्स इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन की ओर रवाना हुआ। वहीं, प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होने वाले अन्य विपक्षी नेता और सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए। विपक्षी दलों का कहना है कि वे चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने याद किया नेहरू का ऐतिहासिक भाषण
संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को इसी सेंट्रल हॉल में जवाहरलाल नेहरू ने एक प्रसिद्ध भाषण दिया था। उन्होंने उस भाषण के अंशों का जिक्र करते हुए स्वतंत्रता, उम्मीद और लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश की आजादी से जुड़ा वह ऐतिहासिक क्षण भारत के साथ पूरे एशिया और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने इस संदर्भ में देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी का उल्लेख किया।
गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों पर उठाए सवाल
INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों के चुनाव परिणामों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि इन राज्यों में जिस तरह के चुनाव परिणाम सामने आए, उन्हें देखकर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि ऐसा कैसे हुआ। उन्होंने दावा किया कि जब उनके पास संबंधित सबूत पहुंचे, तब उन्हें मामले की गंभीरता का एहसास हुआ। हालांकि, ये राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या चुनाव आयोग की विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मामला केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की जवाबदेही का भी सवाल है। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का काम जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों से मिलना और उनकी चिंताओं को सुनना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञानेश कुमार को विपक्षी सांसदों से मुलाकात करनी होगी। इस दौरान राहुल गांधी ने सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई। विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
इमरान प्रतापगढ़ी ने लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से कथित वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। उनके अनुसार, यह विरोध अब देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है। प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी उल्लेख किया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष इस संघर्ष को लोकतांत्रिक सत्याग्रह के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करेगा विपक्ष
विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं। इमरान प्रतापगढ़ी के अनुसार, इसी उद्देश्य से राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा गया है। विपक्षी दलों की मांग है कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाई जा रही चिंताओं पर ध्यान दिया जाए। शुक्रवार को संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक, राष्ट्रपति भवन की ओर प्रतिनिधिमंडल का रवाना होना और विजय चौक पर धरना इस विरोध कार्यक्रम का हिस्सा रहे। फिलहाल राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात के बाद होने वाली बातचीत या किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
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