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BIG BREAKING: Operation Shield मॉकड्रिल शुरू

Shantanu Roy
31 May 2025 5:53 PM IST
BIG BREAKING: Operation Shield मॉकड्रिल शुरू
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Jammu and Kashmir. जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन शील्ड' के तहत सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की गई। श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में यह अभ्यास किया गया, जहां आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों की कार्रवाई का परीक्षण किया गया। इसी प्रकार की मॉक ड्रिल अखनूर क्षेत्र में भी आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। ड्रिल के दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आपात प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्यवाही की।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा आपात स्थितियों से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों के अंतर्गत 'ऑपरेशन शील्ड' नामक अभ्यास की श्रृंखला जारी है। इसी क्रम में श्रीनगर और अखनूर में अलग-अलग स्थानों पर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) आयोजित किए गए। इन अभ्यासों का उद्देश्य किसी भी आपदा, आतंकी खतरे, या अन्य आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
श्रीनगर में मॉक ड्रिल का आयोजन
राजधानी श्रीनगर में यह मॉक ड्रिल डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय परिसर में आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, सिविल डिफेंस, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें शामिल रहीं। इस ड्रिल के दौरान आपात स्थिति की एक नकली सूचना के आधार पर त्वरित बचाव और राहत कार्यों की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान यह दिखाया गया कि कार्यालय परिसर में एक संदिग्ध वस्तु या आतंकी खतरा मिलने की सूचना पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने किस प्रकार तालमेल बनाते हुए त्वरित कार्रवाई की। परिसर को तुरंत खाली कराया गया, आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हुईं और सभी संबंधित विभागों ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई।


अखनूर में भी हुआ सुरक्षा अभ्यास
इसी तरह का मॉक ड्रिल जम्मू जिले के अखनूर क्षेत्र में भी आयोजित किया गया। वहां भी ‘ऑपरेशन शील्ड’ के अंतर्गत सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक संभावित खतरे की सूचना पर प्रतिक्रिया का पूर्वाभ्यास किया। अखनूर में हुए अभ्यास में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन दल ने भी भाग लिया।
अभ्यास का उद्देश्य और महत्व
इस प्रकार के मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपदा, आतंकी हमले या प्राकृतिक संकट के समय सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बना रहे और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। मॉक ड्रिल्स प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविकता को परखने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे ताकि सुरक्षा और राहत तंत्र की मजबूती को सुनिश्चित किया जा सके। ड्रिल के अंत में भागीदार टीमों ने प्रदर्शन का आकलन किया और यह देखा कि किन क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ऐसे अभ्यासों से न केवल सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता बढ़ती है बल्कि आम नागरिकों में भी जागरूकता आती है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में ऐसे और अभ्यास जिलों के अस्पतालों, स्कूलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आयोजित किए जाएंगे।
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