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देवजीत सैकिया बने सचिव
New Delhi. नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में नए नेतृत्व की घोषणा हो गई है। जम्मू क्रिकेट संघ से जुड़े पूर्व क्रिकेटर मिथुन मन्हास को बीसीसीआई का नया अध्यक्ष चुना गया है। यह चुनाव आज आयोजित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में संपन्न हुआ। मन्हास इस पद पर रोजर बिन्नी की जगह लेंगे, जो अब अध्यक्ष पद से हट चुके हैं। मिथुन मन्हास की नियुक्ति के साथ ही बीसीसीआई में नए कार्यकाल के लिए बोर्ड का नया गठन भी हुआ। इस नए बोर्ड में कुछ पुराने पदाधिकारी अपने पद पर बने रहेंगे, जबकि कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अपने पद पर बने रहेंगे। इस प्रकार, उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ नए बोर्ड को मिलेगा।
नए बोर्ड में वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी रघुराम भट्ट को सौंपी गई है। भट्ट कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के मौजूदा अध्यक्ष और भारत के पूर्व स्पिनर हैं। उनका केएससीए अध्यक्ष पद का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वे बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी संभालते हुए भट्ट बोर्ड के बजट, निवेश और आर्थिक रणनीति पर निगरानी करेंगे। सचिव पद पर देवजीत सैकिया को बरकरार रखा गया है। सैकिया ने पहले भी सचिव के रूप में बीसीसीआई के प्रशासनिक कामकाज का संचालन किया है। उन्हें बोर्ड के कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, प्रभतेज भाटिया को संयुक्त सचिव बनाया गया है। भाटिया का चयन बोर्ड में प्रशासनिक कार्यों और संचालन में मदद करने के लिए किया गया है।
बीसीसीआई में नए नेतृत्व का गठन समय पर हुआ है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट को आगामी वर्ष में कई अहम टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय सीरीज की तैयारी करनी है। नए अध्यक्ष और पदाधिकारियों की नियुक्ति से बोर्ड की कार्यप्रणाली में गति आएगी और नीति निर्धारण अधिक सुचारू रूप से होगा। मिथुन मन्हास ने पहले जम्मू क्रिकेट संघ के नेतृत्व में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं। उनका अनुभव और क्रिकेट के प्रति गहन समझ उन्हें बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में सफल बनाने में मदद करेगी। मन्हास का लक्ष्य भारतीय क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाना, घरेलू क्रिकेट को बेहतर बनाना और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना है। राजीव शुक्ला ने अपने पुराने उपाध्यक्ष पद पर बने रहने के निर्णय पर कहा कि वे नए अध्यक्ष के साथ मिलकर बीसीसीआई को नए मुकाम पर पहुंचाने में योगदान देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन, खिलाड़ियों के कल्याण और क्रिकेट के विकास में उनका ध्यान केंद्रित रहेगा।
रघुराम भट्ट को कोषाध्यक्ष नियुक्त करने का उद्देश्य बोर्ड के वित्तीय मामलों में स्थिरता लाना और बजट के सही प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। भट्ट के अनुभव से वित्तीय निर्णय अधिक पारदर्शी और प्रभावी होंगे। देवजीत सैकिया और प्रभतेज भाटिया की नियुक्ति प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। बीसीसीआई में इस नए गठन के बाद भारतीय क्रिकेट के लिए कई योजनाएं और नीतियां लागू की जाएंगी। इसमें घरेलू क्रिकेट को और प्रतिस्पर्धात्मक बनाना, युवाओं को अवसर देना, खिलाड़ियों के विकास और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। इसके अलावा, बोर्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीतियां बनाएगा। बोर्ड की नई संरचना से उम्मीद जताई जा रही है कि क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और खिलाड़ियों तथा अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। साथ ही, वित्तीय मामलों में सुधार और घरेलू क्रिकेट के विकास में तेजी आएगी। इस नई नियुक्ति के साथ ही बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट के लिए नई दिशा और रणनीति तैयार करने में जुट जाएगा। मिथुन मन्हास के नेतृत्व में बोर्ड का ध्यान खेल की गुणवत्ता बढ़ाने, युवा प्रतिभाओं को अवसर देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की क्रिकेट स्थिति मजबूत करने पर रहेगा।
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