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BIG BREAKING: IPS राजीव कृष्ण बने UP के नए DGP

Shantanu Roy
31 May 2025 9:08 PM IST
BIG BREAKING: IPS राजीव कृष्ण बने UP के नए DGP
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राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला
Uttar Pradesh. उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) का ऐलान हो गया है. राजीव कृष्ण यूपी के नए डीजीपी बनाए गए हैं. हालांकि उन्हें कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है. राजीव कृष्ण यूपी में लगातार 5वें कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए हैं. आइए जानते हैं कि राजीव कृष्ण कौन हैं, वह कहां के रहने वाले हैं. उन्होंने पुलिस सेवा कब ज्वाइन की थी. उनकी शिक्षा-दीक्षा क्या है. साथ ही जानेंगे यूपी पुलिस में उनकी उपलब्धियां क्या रही हैं. क्यों उन्हें यूपी में हाईटेक पुलिसिंग का एक्सपर्ट माना जाता है.
यूपी पुलिस के नए कार्यवाहक डीजीपी बने राजीव कृष्ण ने 1991 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी. 26 जून 1969 को गौतमबुद्ध नगर में जन्मे राजीव कृष्ण ने इलेक्ट्रानिक्स और कम्युनिकेशन में बीई किया हुआ है. उनके पिता का नाम एचके मित्तल है. यूपी के नए डीजीपी के तौर पर शनिवार को सीनियर IPS ऑफिसर राजीव कृष्ण के नाम का ऐलान किया गया है. इससे पहले वह यूपी पुलिस में डीजी विजिलेंस और यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष जैसे पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उन्हें पिछले साल मार्च में ही पेपर लीक का मामले सामने आने के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था. उस दौरान विपक्ष योगी सरकार पर पेपर लीक को लेकर हमलावर था.
यूपी पुलिस के नए कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को हाईटेक पुलिसिंग का एक्सपर्ट समेत यूपी में हाईटेक पुलिस का चेहरा माना जाते हैं. एडीजी पद पर रहते हुए उन्होंने अपराध और अपराधियाें पर लगाम लगाने के लिए ऑपरेशन पहचान एप शुरू किया था. तो वहीं महिला बीट, एंटी रोमियो स्क्वाड की ऑनलाइन मॉनिटरिंग को भी उन्होंने पहचान एप साफ्टवेयर में रखा. साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए भी नए डीजीपी राजीव कृष्ण जाने जाते है. इसके साथ ही ई-मालखाने में मुकदमों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना भी उनकी उपलब्धि में शामिल है.
यूपी पुलिस के नए कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण अपने करियर के दौरान मथुरा, इटावा, आगरा, नोएडा और लखनऊ में एसपी/एसएसपी जैसे चुनौतीपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. तो वहीं उनकी एक पहचान यूपी एटीएस (एंटी टेरर स्क्वाड) के संस्थापक प्रमुख की है. इसके अलावा, उन्होंने बीएसएफ में आईजी ऑपरेशंस के रूप में भी कार्य किया है, जहां वे 4 वर्षों तक भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा पर सभी अभियानों के लिए जिम्मेदार थे. वह कई आईपीएस अधिकारियों को सुपरसीड करके डीजीपी बने हैं. ED के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और वर्तमान में सरोजनी नगर से BJP विधायक राजेश्वर सिंह के वह बहनोई भी हैं.
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