छत्तीसगढ़

एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में अनिमेष कुजुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन: CM साय

Shantanu Roy
31 May 2025 8:27 PM IST
एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में अनिमेष कुजुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन: CM साय
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा एथलीट अनिमेष कुजुर ने देश और प्रदेश दोनों को गौरवान्वित करने वाला कारनामा कर दिखाया है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने 200 मीटर की स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर न केवल अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, बल्कि भारत के लिए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। जशपुर जैसे छोटे लेकिन प्रतिभाओं से समृद्ध अंचल से निकलकर अनिमेष ने अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर यह सिद्ध कर दिया कि संघर्ष, समर्पण और कठोर मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर प्रदेशवासियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी अनिमेष को बधाई
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा- “छत्तीसगढ़ के लाल अनिमेष कुजुर ने विश्व पटल पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने यह साबित किया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। यह उपलब्धि प्रदेश के हर युवा को प्रेरणा देगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और अनिमेष की यह सफलता उस नीति की सफलता का भी प्रतीक है।
रिकॉर्ड तोड़ दौड़, ऐतिहासिक प्रदर्शन
अनिमेष कुजुर ने चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ को मात्र 20.23 सेकंड में पूरा कर भारत के लिए एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 20.36 सेकंड के साथ मुरली गोपीनाथन के नाम दर्ज था। अनिमेष का प्रदर्शन तकनीकी रूप से अत्यंत मजबूत और प्रतिस्पर्धात्मक रहा। उन्होंने शुरुआत से ही गति बनाए रखी और अंतिम 50 मीटर में जबरदस्त बढ़त लेते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
उनका यह समय न केवल व्यक्तिगत बेंचमार्क है, बल्कि यह भारत के ट्रैक एंड फील्ड इतिहास में भी एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
जशपुर की मिट्टी से निकला स्वर्णिम सितारा
अनिमेष कुजुर का संबंध छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से है, जो अपनी हरी-भरी वादियों और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए जाना जाता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनिमेष ने अपनी शुरुआती ट्रेनिंग स्थानीय स्टेडियम में ही शुरू की थी। सुविधाओं की सीमितता के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने संकल्प, अनुशासन और धैर्य के बल पर खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धावक बना लिया। उनके कोच और परिजनों ने इस मौके पर कहा कि यह सफलता कई वर्षों की मेहनत, त्याग और कठिन प्रशिक्षण का परिणाम है।
खेल प्रेमियों और युवाओं में खुशी की लहर
अनिमेष की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य के खेल प्रेमियों, कोचिंग संस्थानों और युवा खिलाड़ियों ने इस सफलता को नई प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बताया है। जशपुर जिले में स्थानीय लोगों ने इस जीत पर जश्न मनाया, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ घर-घर में मिठाइयाँ बांटी गईं। कई स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अनिमेष के सम्मान में नारे लगाए गए।
भविष्य की तैयारी और सरकार का सहयोग
राज्य खेल विभाग ने संकेत दिया है कि अनिमेष की इस उपलब्धि को देखते हुए उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कारों और विशेष प्रशिक्षण सुविधाओं से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उनकी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए ओलंपिक 2028 के लिए भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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