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BIG BREAKING: असम और उत्तर-पूर्व भारत में 5.8 तीव्रता का भूकंप

Shantanu Roy
14 Sept 2025 5:38 PM IST
BIG BREAKING: असम और उत्तर-पूर्व भारत में 5.8 तीव्रता का भूकंप
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Assam. असम। असम के उदलगुड़ी जिले समेत उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में रविवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (IMD) के अनुसार, यह भूकंप शाम 5:20 बजे आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 दर्ज की गई। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी तरह की जनहानि या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिसके कारण लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। उदलगुड़ी, गुवाहाटी और आसपास के जिलों में भूकंप का असर स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया।

इसके अलावा नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए जाने की जानकारी मिली है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने बताया कि भूकंप के तुरंत बाद जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। फिलहाल, किसी भी तरह की क्षति का आकलन करने के लिए राहत और बचाव दल को इलाके में भेजा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है और यह "सीस्मिक जोन-V" के अंतर्गत आता है। यहां समय-समय पर मध्यम और हल्के तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। पिछले वर्षों में भी असम और मणिपुर में कई बार ऐसे झटके महसूस किए जा चुके हैं।

गुवाहाटी स्थित एक अधिकारी ने बताया कि लोग अचानक झटकों से घबरा गए और बड़ी संख्या में खुले स्थानों की ओर दौड़े। "हमें लगा जैसे धरती हिल रही है, घर की खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे," उदलगुड़ी के एक स्थानीय निवासी ने अनुभव साझा किया। भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि इस तरह की प्राकृतिक घटनाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि भूकंप के दौरान लोग सुरक्षित स्थान पर जाएं और ऊँची इमारतों या कमजोर ढांचों से दूर रहें। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कराई जाती है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन स्थिति की पूरी तरह निगरानी की जा रही है और जिला प्रशासन लगातार उच्च अधिकारियों से संपर्क में है। हालांकि भूकंप का केंद्र और गहराई की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह झटका धरती की सतह के काफी नीचे आया था, जिससे इसका असर सीमित रहा और बड़ी क्षति नहीं हुई। उत्तर-पूर्व भारत के लोग इस प्राकृतिक आपदा से थोड़े समय के लिए सहम जरूर गए, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई। राज्य सरकार ने सभी जिलों को एहतियात बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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