Firozpur फिरोजपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होकर नशे के खिलाफ अभियान को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई। फिरोजपुर में यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त करने की दिशा में जो अभियान चल रहा है, उसमें वह शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाती है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में पंजाब को नशा मुक्त बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में बड़े बदलाव के लिए सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति जरूरी होती है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और पुलिस व प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान का क्षेत्र पंजाब से जुड़ा हुआ है, इसलिए सीमावर्ती इलाकों में भी नशे की समस्या को लेकर सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं। भजनलाल शर्मा ने पंजाब में नशे की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी को मिलकर इस समस्या के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं और माताओं-बहनों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा परिवारों को कमजोर करता है और आने वाली पीढ़ियों पर इसका बुरा असर पड़ता है। भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्देश्य राज्य में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना और लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना बताया गया है। यात्रा के दौरान नेताओं ने लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यदि सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर प्रयास करें तो बड़ी से बड़ी चुनौती का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने पंजाब को नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए लगातार काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं होगा, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
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