
निलंबन के बाद प्रकरण की जांच के लिए मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कानपुर नगर से संबद्ध कर दिया गया है। अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल के हस्ताक्षर से जारी आदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कानपुर नगर के 31 जनवरी 2026 को भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया है। आरोप लगाया गया कि डीएम के स्तर पर बुलाई गई विभागीय समीक्षा बैठक में प्रायः अनुपस्थित रहते हैं। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से संचालित समर कैम्प का मानदेय समय से खण्ड शिक्षा अधिकारी ने उपलब्ध नहीं कराया। सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक जियाउल्लाह खां की पत्रावली समय से न देने के भी आरोप लगाए गए। गठित जांच समिति के सामने जवाब भी नहीं दिया गया। इससे जांच प्रभावित है।
देवरिया के एक स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने उत्पीड़न और बहाली के नाम पर 16 लाख रुपए मांगे जाने का आरोप लगाते हुए 20 फरवरी की रात को गोरखपुर में सुसाइड कर लिया था। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट और वीडियो भी जारी किया था। इस मामले में प्रारम्भिक जांच के बाद देवरिया की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव 27 फरवरी को सस्पेंड कर दिया गया था। उनके और लिपिक संजीव सिंह पर केस दर्ज किया गया है। दोनों फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी गोरखपुर ने 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। उनकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हैं।





