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बैंक मैनेजर डकैती का मास्टरमाइंड निकला, 59 किलो सोना उड़ाने बनाया था डुप्लिकेट चाबी

Nil dhankar
30 Jun 2025 7:42 AM IST
बैंक मैनेजर डकैती का मास्टरमाइंड निकला, 59 किलो सोना उड़ाने बनाया था डुप्लिकेट चाबी
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कर्नाटक। विजयपुरा जिले में मई के अंत में हुई ₹53.26 करोड़ की बहुचर्चित कैनरा बैंक डकैती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इस मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर विजयकुमार मिरियाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मैनेजर ने पूरी साजिश रचकर 59 किलो सोना और ₹5.3 लाख नकद चोरी कराई. यह चोरी 23 से 25 मई के बीच मणगुली गांव की कैनरा बैंक शाखा में हुई थी. आरोपियों ने पहले बिजली और सीसीटीवी के तार काटे फिर खिड़की की ग्रिल हटाई और बिना किसी नुकसान के लॉकर से सोना निकाल ले गए. उन्होंने गैस कटर जैसे कोई औजार इस्तेमाल नहीं किए बल्कि उन्होंने उसी शाखा में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रबंधक द्वारा पहले बनाई गई डुप्लिकेट चाबी का उपयोग किया.

पुलिस जांच से पता चला कि विजयकुमार ने महीनों पहले ही डकैती की सावधानीपूर्वक योजना बना ली थी. उसने बैंक के पूर्व कर्मचारी चंद्रशेखर नेरेला, जो अब ठेकेदार और कैसीनो का संचालक है और सुनील मोका (विजयकुमार के सहायक) को साथ में ले लिया. पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिर्च पाउडर फैलाकर खोजी कुत्तों को गुमराह किया और काले जादू से जुड़े सामान भी मौके पर छोड़ दिए ताकि पुलिस भ्रमित हो जाए.कथित तौर पर गिरोह ने हॉलीवुड, बॉलीवुड और नेटफ्लिक्स की डकैती से जुडी कई फिल्में देखी ताकि यह समझ सके कि कैसे कपड़े पहने, मास्क पहने और पहचान से बचने के लिए हेलमेट का उपयोग कैसे करें.

विजयपुरा के एसपी लक्ष्मण निंबर्गी ने बताया, 'लूट की योजना कई महीनों में बनाई गई थी, जिसकी विस्तृत चर्चा कथित तौर पर फरवरी की शुरुआत में ही हो गई थी. आरोपी इलाके का सर्वेक्षण करने के लिए कई बार मनागुली गांव गए थे. बैंक मैनेजर विजय 9 मई तक मनागुली केनरा बैंक शाखा में काम कर रहा था जिसके बाद उसका रोनिहाल शाखा में तबादला कर दिया गया. जनवरी में, आरोपियों ने बैंक लॉकर की डुप्लिकेट चाबियां पहले ही बना ली थीं. उन्होंने बार-बार चाबियों का परीक्षण किया कि कौन सी चाबी काम करेगी. एक बार जब वे सही चाबी खोजने में सफल हो गए, तो उन्होंने डकैती को अंजाम देने के लिए सही समय का इंतजार किया.

आरोपी ने जानबूझकर विजय के तबादले तक इंतजार किया ताकि बैंक के नए कर्मचारियों पर शक हो. उन्होंने 23 मई को बैंक लूटने की योजना को अंतिम रूप दिया लेकिन उस दिन आरसीबी बनाम सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल मैच के कारण इसे स्थगित कर दिया. डकैती की पूर्व संध्या पर, उन्होंने गांव में सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय कर दिया और देखे जाने से बचने के लिए हाई-मास्ट लाइटिंग तारों को काट दिया. उन्होंने ट्रांसपोर्ट के लिए एक ट्रक की भी व्यवस्था की और मनागुली गांव में चुपके से घूमने के लिए मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया. पुलिस जांच को गुमराह करने के लिए, आरोपियों ने कई तरह की भ्रामक रणनीति अपनाई. पूरी डकैती को क्राइम थ्रिलर से प्रेरित योजना और सटीकता के साथ अंजाम दिया गया.

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