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पहली बारिश में डूबा बद्दी-नालागढ़ फोरलेन

Shantanu Roy
31 May 2026 5:06 PM IST
पहली बारिश में डूबा बद्दी-नालागढ़ फोरलेन
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BBN. बीबीएन। शनिवार सुबह हुई तेज बारिश ने बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। कुछ ही घंटों की बारिश के बाद बद्दी से नालागढ़ तक कई स्थानों पर सडक़ें जलमग्न हो गईं। जगह-जगह जलभराव होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम व अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण सुबह के समय फैक्ट्रियों में जाने वाले कर्मचारी, स्कूली वाहन, एचआरटीसी बसें और भारी मालवाहक वाहन जलभराव के बीच धीरे-धीरे रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन चालक सडक़ पर भरे पानी के कारण संतुलन खोते दिखाई दिए, जबकि कुछ छोटे वाहन पानी में फंस गए। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बद्दी-नालागढ़ मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढों, अधूरी खुदाई और सडक़ किनारे पड़े निर्माण मलबे ने बारिश के बाद हालात और खराब कर दिए। सडक़ किनारे जल निकासी के लिए बनाई गई नालियां कई स्थानों पर अधूरी पड़ी हैं, जबकि कुछ जगहों पर ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह
ठप दिखाई दी।


इसके चलते बारिश का पानी सीधे सडक़ पर जमा होता रहा और मार्ग कीचड़ व गंदे पानी से भर गया। सबसे अधिक परेशानी बद्दी के प्रवेश मार्गों और औद्योगिक क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में देखने को मिली। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि जिस स्थिति को लेकर लंबे समय से आशंका जताई जा रही थी, वह पहली ही बारिश में सामने आ गई। लोगों का आरोप है कि बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य पिछले करीब नौ से दस माह से ठप पड़ा है। अब तक नए टेंडर भी अंतिम रूप नहीं ले पाए हैं, जबकि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि बद्दी-नालागढ़ मार्ग बीबीएन की जीवनरेखा है और प्रतिदिन हजारों कर्मचारी, उद्योगों से जुड़े वाहन तथा भारी ट्रांसपोर्ट इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में जलभराव और खराब सडक़ व्यवस्था का सीधा असर उद्योगों की गतिविधियों और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और एनएचएआई से मांग की है कि फोरलेन परियोजना का कार्य जल्द दोबारा शुरू किया जाए तथा बरसात को देखते हुए जल निकासी और सडक़ मरम्मत के स्थायी प्रबंध किए जाएं, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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