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यूपीआई पर फैलाई जा रही गलतफहमी से बचें: निर्मला सीतारमण का जयराम रमेश को जवाब

SHIDDHANT
6 Aug 2026 8:49 PM IST
यूपीआई पर फैलाई जा रही गलतफहमी से बचें: निर्मला सीतारमण का जयराम रमेश को जवाब
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Delhi दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीआई (UPI) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि तथ्य सामने रखे बिना भ्रम फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि MDR केवल व्यापारियों (मर्चेंट्स) पर लागू होता है, आम उपभोक्ताओं या यूपीआई उपयोगकर्ताओं पर नहीं।
निर्मला सीतारमण ने अपने बयान में कहा कि MDR से मिलने वाली राशि बैंकों और फिनटेक कंपनियों को डिजिटल भुगतान से जुड़ी आधारभूत संरचना, नवाचार और साइबर सुरक्षा में अधिक निवेश करने में मदद करेगी। उनका कहना है कि इस निवेश का लाभ अंततः सभी यूपीआई उपयोगकर्ताओं को बेहतर और अधिक सुरक्षित डिजिटल भुगतान सेवाओं के रूप में मिलेगा।
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपीआई पर MDR लागू करने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में फैसला एनपीसीआई (NPCI) की अध्यक्षता वाली यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी द्वारा लिया जाएगा। यह प्रक्रिया तब आगे बढ़ेगी, जब संसद कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर देगी, जिसमें भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव शामिल है।
सीतारमण ने कहा कि इस विषय पर निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर बिना पूरी जानकारी के भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। यूपीआई देश में सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान माध्यमों में से एक बन चुका है। ऐसे में MDR को लेकर उठी चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री का यह बयान उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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