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महिला डॉक्टर को परेशान कर रहा था असिस्टेंट प्रोफेसर, सस्पेंड की कार्रवाई

Nilmani Pal
13 Feb 2026 7:31 AM IST
महिला डॉक्टर को परेशान कर रहा था असिस्टेंट प्रोफेसर, सस्पेंड की कार्रवाई
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यूपी। केजीएमयू का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। महिला रेजीडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण के बाद अब बाल रोग विभाग की एक महिला रेजीडेंट ने छेड़छाड़, अभद्रता का आरोप लगाया है। विभाग के ही असिस्टेंट प्रोफेसर पर ऐसे आरोप लगे हैं। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि छेड़छाड़ जैसी घटना गंभीर है। जांच प्रभावित न हो, इस नाते निलंबित कर दिया गया है।

बाल रोग विभाग की रेजीडेंट डॉक्टर ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़, उत्पीड़न जैसे इल्जाम लगाए हैं। मोबाइल पर बेवजह के मैसेज भेजने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने परिवारीजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की, जिसके आधार पर सात सदस्यीय विशाखा कमेटी को मामले की जांच के आदेश दिए गए। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। आरोपी से पूछताछ की गई। केजीएमयू प्रशासन ने असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह के अनुसार छेड़छाड़ की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत जांच कमेटी गठित की। इसकी शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। केजीएमयू प्रशासन पूरे मामले की सच्चाई का पता लगा रही है। दोषी को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। किसी के साथ अन्याय भी नहीं होने दिया जाएगा। केजीएमयू में छेड़छाड़ या अभद्रता का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी केजीएमयू का दामन ऐसी हरकतों से दागदार हो चुका है। चिकित्सीय पेशे को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। केजीएमयू में डॉक्टर, कर्मचारी से लेकर रेजीडेंट डॉक्टर तक पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। केजीएमयू प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं से देश दुनिया में केजीएमयू की शाखा को धक्का लग रहा है।


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