
नई दिल्ली। एशियाई खेलों के लिए भारतीय घुड़सवारी टीम के चयन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वी विश्वनाथन ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई शुरू होने के दौरान न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि वह इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। अब यह मामला किसी अन्य पीठ के सामने रखा जाएगा। यह मामला जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की ड्रेसेज टीम के चयन से जुड़ा हुआ है। घुड़सवार अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला को टीम में शामिल नहीं किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें हाई कोर्ट ने टीम चयन के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी और मामला गुरुवार को न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के सामने सूचीबद्ध था। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन ने इस मामले से अलग होने का फैसला लिया। उन्होंने पीठ को बताया कि वह इस याचिका की सुनवाई नहीं करेंगे। इसके बाद पीठ ने कहा कि मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश के अनुसार किसी अन्य उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
इसके बाद मामले का उल्लेख वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष किया गया। अब उम्मीद है कि नई पीठ इस मामले की आगे सुनवाई करेगी और याचिका पर विचार करेगी। मामला भारतीय घुड़सवारी टीम के चयन को लेकर है, जिसमें खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला को एशियाई खेलों की ड्रेसेज टीम में जगह नहीं मिलने के बाद यह विवाद सामने आया। खिलाड़ियों का पक्ष है कि चयन प्रक्रिया में उचित मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन को देखते हुए घुड़सवारी जैसे खेलों में टीम चयन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। खिलाड़ियों और खेल संघों के बीच चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग समय-समय पर उठती रही है। सुप्रीम कोर्ट में अब नई पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। न्यायालय के अगले कदम से यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर क्या रुख अपनाया जाता है। फिलहाल न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन के सुनवाई से हटने के बाद मामले को नई पीठ के सामने स्थानांतरित कर दिया गया है।





