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Banikhet. बनीखेत। जिला स्तरीय चार दिवसीय आषाढ़ नाग मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने भूरू नाग मंदिर पधर में पूजा-अर्चना कर मेले की शोभायात्रा की अगवाई की। शोभायात्रा भूरू नाग मंदिर पधर से शुरू होकर बनीखेत बस अड्डे तक निकाली गई। इस मौके पर आशा कुमारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और मेले व उत्सव प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ मेले, उत्सव और त्योहार स्थानीय देवी-देवताओं के प्रति लोगों की कृतज्ञता, धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि भूरू नाग मंदिर एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है और यहां आयोजित होने वाले आषाढ़ नाग मेले का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति गंभीर है। पारंपरिक लोक-संस्कृति, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भावी पीढिय़ां भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव महसूस कर सकें। सांझ के समय आशा कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर एसडीएम एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने उन्हें शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
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