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अंकिता सरोहा ने रचा नया इतिहास, कहा- सपनों को पंख देने के लिए बड़े शहर नहीं, बड़ा हौसला चाहिए

nidhi
6 Aug 2026 6:46 AM IST
अंकिता सरोहा ने रचा नया इतिहास, कहा- सपनों को पंख देने के लिए बड़े शहर नहीं, बड़ा हौसला चाहिए
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मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 की विजेता अंकिता सरोहा बोलीं- असली सुंदरता आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में है

नई दिल्ली : छोटे शहरों की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में अंकिता सरोहा ने मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि सफलता केवल बाहरी खूबसूरती से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मेहनत, सकारात्मक सोच और मजबूत व्यक्तित्व से हासिल होती है। प्रतियोगिता के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मंच उनके लिए केवल एक ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि खुद को पहचानने और अपनी क्षमता साबित करने का अवसर था।

अंकिता का मानना है कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। यदि उन्हें सही अवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती हैं।
छोटे शहर से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
अंकिता सरोहा ने बताया कि छोटे शहर से राष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचना आसान नहीं था। इस यात्रा में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखा और हर चुनौती को सीखने का अवसर बनाया।
उनके अनुसार, सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा नहीं होते। यदि व्यक्ति के भीतर सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का जज्बा हो तो वह किसी भी मंजिल को हासिल कर सकता है।
"खूबसूरती नहीं, व्यक्तित्व मायने रखता है"
अंकिता ने कहा कि मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन जैसे मंच पर केवल आकर्षक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संवाद कौशल, सामाजिक सोच, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण का भी मूल्यांकन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों से विभिन्न विषयों पर बातचीत की गई, उनकी सोच, व्यवहार और समाज के प्रति दृष्टिकोण को भी परखा गया। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता केवल सुंदरता तक सीमित नहीं है।
आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत
अंकिता के अनुसार, हर महिला के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत केवल उस प्रतिभा को पहचानने और उस पर विश्वास करने की है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं पर भरोसा रखे और लगातार मेहनत करता रहे तो सफलता देर-सबेर जरूर मिलती है।
उन्होंने युवतियों और महिलाओं से अपील की कि वे दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दें।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
अंकिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का विश्वास और प्रोत्साहन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा। प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान मिले सहयोग ने उन्हें हर चुनौती का सामना करने का आत्मविश्वास दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी महिला की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समाज के लिए करना चाहती हैं काम
अंकिता सरोहा ने कहा कि वह अपने मंच का उपयोग केवल व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी कहानी किसी एक महिला या लड़की को भी आगे बढ़ने का साहस देती है, तो यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
छोटे शहरों की बेटियों के लिए संदेश
अंकिता ने कहा कि छोटे शहरों में रहने वाली लड़कियों को यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि उनके सपने सीमित हैं। आज डिजिटल युग में सीखने और आगे बढ़ने के अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने संदेश दिया कि—
अपने सपनों पर विश्वास रखें।
कठिन मेहनत करने से कभी पीछे न हटें।
असफलता से डरने के बजाय उससे सीखें।
आत्मविश्वास बनाए रखें।
अपनी पहचान खुद बनाएं।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
अंकिता का मानना है कि आज की महिला केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज, व्यवसाय, शिक्षा, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है। ऐसे मंच महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच किसी भी महिला को नई पहचान दिला सकते हैं।

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