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Thunag. थुनाग। सराज क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली पांडवशिला-धार सडक़ को लेकर विवाद जारी है। बुधवार को काम रुकवाने के बाद गुरुवार को सुबह 11 बजे से ग्रामीणों ने पांडवशिला में सडक़ पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। प्रशासन और विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। गांव के लोग बच्चों और बीमारों की दुश्वारियों को लेकर खासे नाराज दिखे। उनका कहना था कि जब तक सडक़ बहाली को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से लिखित अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक धरना और जाम यूं ही जारी रहेगा। शाम 5 बजे एसडीएम गोहर बचित्र सिंह और डीएसपी करसोग गर्वजीत सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने साफ कह दिया।
जब तक सरकार और प्रशासन लिखित रूप से सडक़ बहाली की गारंटी नहीं देंगे, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। एसडीएम गोहर बचित्र सिंह ने कहा कि यह मामला पहले से ही हाई कोर्ट में विचाराधीन है। वन विभाग ने इसमें एफआईआर दर्ज की है और सात अक्तूबर को लोक निर्माण विभाग अदालत में अपना पक्ष रखेगा। ग्राम पंचायत धार जरोल के प्रधान नरेश ठाकुर ने कहा कि यह सडक़ प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत करीब 20 साल पहले बनी थी। आज 92 दिन से बंद है। सरकार और विभाग केवल मीठी बातें कर रहे हैं, काम शून्य है। हाई कोर्ट का आदेश होने के बावजूद वन विभाग ने सडक़ खोलने का कार्य रोक दिया। यह तानाशाह प्रशासन और सरकार की मिलीभगत का नतीजा है। हमारे खिलाफ फर्जी वायलेशन का मामला दर्ज किया गया और जेसीबी तक पुलिस ने बांड कर ली है।
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