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Market. मंडी। गर्मी से तपती मंडी में पेयजल संकट की आशंका के बीच पेट्रोल-डीजल का भंयकर सूखा पडऩे की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। मंडी जिला के 85 पेट्रोल पंप बुधवार को 60 फीसदी ड्राई हो गए हैं और बचे 40 फीसदी तेल के आसरे सिर्फ अधिकतम अगले चार दिनों तक काम निपटाया जा सकता है। मंडी जिला में पेट्रो पदार्थों की सप्लाई चेन टूटी तो फिर वाहन बिना पेट्रोल-डीजल के खडे हो जाएंगे। मंडी जिला में पेट्रोल और डीजल के स्टाक और उपलब्धतता में 60 फीसदी का अंतर आ गया है। बुधवार को मंडी जिला के 85 पेट्रोल पंपों पर कुल 7.26 लाख लीटर पेट्रोल और 8.04 लाख लीटर डीजल ही बचा है।
जिला की पूरी स्टोरेज क्षमता का यह महज 40 फीसदी ही है। मंडी में अगर टैंकर समय पर नहीं पहुंचे, तो अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में पेट्रोल पंप सूखने लग जाएंगे। चिंताजनक स्थिति यह है कि जिला में पेट्रोल स्टोरेज की कुल क्षमता 17.37 लाख लीटर है, लेकिन मौजूदा समय में उपलब्ध सिर्फ 7.26 लाख लीटर ही है और यह कुल 42 प्रतिशत के पास है। जिला में औसत खपत के हिसाब से तीन से चार दिन का ही स्टॉक बचा है। मंडी जिला में कुल स्टोरेज क्षमता के हिसाब से 60 प्रतिशत स्टाक कम है। मंडी में पेट्रोल 17,37,500 लीटर और डीजल 20,84,189 लीटर स्टोर किया जा सकता है। वर्तमान उपलब्ध स्टॉक के मुताबिक मंडी जिला में पेट्रोल 7,26,254 लीटर और डीजल 8,03,982 लीटर उपलब्ध है।
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