अहमदाबाद हादसे पर अमेरिकी वकील बोले, पायलट को जिम्मेदार बताकर बोइंग कंपनी को बचाया जा रहा

गुजरात। अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया का विमान संख्या AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज हादसे से प्रभावित 65 से ज्यादा परिवारों का केस लड़ रहे हैं। उन्होंने चल रहे मुकदमे की जटिलताओं को रेखांकित किया। साथ ही कहा कि 'शुरुआती चुनौतियों में पहेली सुलझाना और यह पता लगाना शामिल है कि आखिर हुआ क्या था।' वकील एंड्रयूज ने कहा कि चुनौती दुर्घटना के कारण का पता लगाना और यह पता लगाने में है कि क्या कोई दोष था, जिसने इस त्रासदी को जन्म दिया। उन्होंने कहा, 'मुकदमेबाजी में हमेशा चुनौतियां होती हैं। हमें न केवल यह निर्धारित करने के लिए शुरुआत करनी होगी कि क्या हुआ था, बल्कि हमें यह भी पता लगाना होगा कि क्या कोई दोष था, जिसके कारण यह हुआ।'
एंड्रयूज ने आगे कहा कि जांच में दुर्घटना से जुड़ी घटनाओं को जोड़ने के लिए ये देखा जाएगा कि कहीं विमान के डिजाइन, निर्माण या रखरखाव में कोई समस्या तो नहीं थी। कभी-कभी समस्या एक से ज्यादा कारणों से मिलकर भी हो सकती है। उन्होंने कहा, 'हमें यह पता लगाना होगा कि समस्या डिजाइन या निर्माण संबंधी समस्याओं की वजह से हुई, या फिर रखरखाव में गलती थी। इसलिए शुरुआत की चुनौती ऐसे सुराग जोड़ने की होती है, जैसे कोई पहेली हल कर रहे हों, ताकि पूरी घटना समझ में आए।'
एंड्रयूज ने मामले की पेचीदगियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'क्या किसी खराबी ने विमान को उसके असली उद्देश्य के लिए अनुपयोगी बना दिया? क्या यह पहले से अनुमान लगाया जा सकता था कि इसका इस तरह इस्तेमाल होगा? क्या किसी ने विमान का गलत इस्तेमाल किया, या यह अपने सामान्य इस्तेमाल में ही फेल हो गया?' इसके अलावा, विमान की जटिल इलेक्ट्रिक और कंप्यूटर प्रणालियों की भी जांच होगी, ताकि यह पता चल सके कि कहीं किसी गलत या अनियंत्रित सिग्नल ने दुर्घटना में योगदान दिया था। एंड्रयूज ने आगे कहा कि सवाल यह है कि क्या यह पूर्वानुमान लगाया जा सकता है कि विमान उड़ान भरेगा। हमें समझना होगा कि उड़ान के दौरान पर्दे के पीछे क्या हुआ। क्या पायलटों ने कोई आदेश दिया था, या कंप्यूटर ने बिना आदेश के गलत सिग्नल भेज दिया?, जिसके कारण यह विमान दुर्घटना हुई। वकील एंड्रयूज ने वैकल्पिक डिजाइनों के विश्लेषण के महत्व पर भी जोर दिया, जो दुर्घटना को रोक सकते थे या चोटों को कम कर सकते थे। उन्होंने कहा, 'एक बार जब हम ये निर्णय ले लेते हैं, तो हम वैकल्पिक डिजाइनों जैसी चीजों पर विचार करना शुरू करते हैं। क्या ऐसे डिजाइन मौजूद थे, जो दुर्घटना को होने से रोक सकते थे, चोटों को कम कर सकते थे या फिर इसकी संभावना को कम कर सकते थे।





