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अंबोटा पंचायत का फैसला, घर-घर से कूड़ा उठाने को देना होगा एक रुपया

Shantanu Roy
25 July 2026 4:59 PM IST
अंबोटा पंचायत का फैसला, घर-घर से कूड़ा उठाने को देना होगा एक रुपया
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Gagret. गगरेट। विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत अंबोटा ने स्वच्छता, सुरक्षा और ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। शुक्रवार को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब पंचायत क्षेत्र में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक परिवार से एक रुपये प्रतिदिन की दर से शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा बिना पंचायत की अनुमति कोई भी फेरी वाला गांव में सामान बेचने नहीं घूम सकेगा। ग्राम सभा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की समीक्षा करने के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा खुशी के अवसरों पर ली जाने वाली बधाई राशि भी निर्धारित कर दी। वहीं, जर्जर हो चुके पंचायत भवन के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव पारित किया गया। ग्राम सभा में जिला परिषद अध्यक्ष पवन लम्बडदार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता ग्राम पंचायत प्रधान पंकज जसवाल ने की, जबकि उपप्रधान शिव सिंह, सभी वार्ड सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों में ग्राम पंचायत सचिव संदीप ठाकुर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पतासु राम, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के दिनेश शर्मा तथा तहसील कल्याण अधिकारी राकेश कुमार भी बैठक में शामिल हुए। ग्राम सभा में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पंचायत क्षेत्र को कचरा मुक्त बनाने को लेकर लिया गया। तय किया गया कि प्रत्येक घर से एक रुपये प्रतिदिन की दर से राशि एकत्रित की जाएगी। इस राशि में ग्राम पंचायत भी अपनी ओर से अंशदान करेगी और इसके आधार पर पूरे पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को ठेके के माध्यम से संचालित किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से गांव में जगह-जगह लगने वाले कूड़े के ढेर समाप्त होंगे, पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
इस प्रस्ताव को ग्राम सभा ने ध्वनिमत से पारित किया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थियों की सूची की भी समीक्षा की गई। इस दौरान पांच लाभार्थियों के नामों पर आपत्तियां दर्ज करवाई गईं। ग्राम सभा में तय किया गया कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची खंड विकास कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंच सके। ग्राम सभा ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। अब पंचायत क्षेत्र में कोई भी फेरी वाला बिना पंचायत की अनुमति के सामान बेचने नहीं घूम सकेगा। इच्छुक फेरी वालों को पहले ग्राम पंचायत में पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद पंचायत उनके दस्तावेज पुलिस थाने से सत्यापित करवाएगी और सत्यापन के बाद ही उन्हें गांव में फेरी लगाने की अनुमति दी जाएगी। पंचायत का मानना है कि इससे बाहरी लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रहेगी और ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। एक अनूठा निर्णय भी लिया गया। खुशी के अवसरों पर बधाई लेने आने वाले ट्रांसजेंडरों के लिए राशि भी निर्धारित की। बैठक में ग्राम पंचायत भवन की खराब स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। पंचायत भवन के जर्जर हो जाने के कारण उसके पुनर्निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। ग्राम पंचायत सचिव संदीप ठाकुर ने कहा कि ग्राम सभा में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग पंचायत के विकास कार्यों और जनहित के निर्णयों में सक्रिय रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में लिए गए निर्णय पंचायत के समग्र विकास, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर प्रशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
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