
x
Bilaspur. बिलासपुर। प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में श्रावण अष्टमी मेला इस बार 25 जुलाई से 5 अगस्त तक आयोजित होगा। श्रद्धा, व्यवस्था और नवाचार की त्रिवेणी को समेटे इस मेले की तैयारियों का श्रीगणेश कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय के बचत भवन में मंदिर न्यास की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त एवं न्यास के आयुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। उपायुक्त ने कहा कि मेला सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि एक उत्तरदायित्व है जिसमें हर श्रद्धालु को सुविधा, सुरक्षा और सम्मान मिले। श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है।
बस स्टैंड को कोहनी मोड़ पर अस्थायी रूप से शिफ्ट करने और वहां से एचआरटीसी की शटल सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर क्षेत्र में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्य मंदिर परिसर में क्राउड एनालिटिक्स कैमरे भी लगाए जाएंगे जो भीड़ बढ़ते ही अलर्ट जारी करेंगे। मेले के दौरान चौबीस घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध रहेगी। 6 स्थायी और 6 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को एम्स बिलासपुर या आनंदपुर साहिब तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस रोड प्लान भी तैयार किया जाएगा। मंदिर दर्शन को सहज बनाने के लिए तैयार वेटिंग एरिया में एक बार में 1500 श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे। 150-150 जत्थे दर्शन के लिए भेजे जाएंगे।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdateHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi News
Next Story





