राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर फेक न्यूज़ शेयर करने वालों पर एक्शन, 127 पोस्ट X-FB-INSTA से रिमूव

यूपी। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। यहां तक की सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट हो रहे हैं उनपर पुलिस की कड़ी नजर है। यहां तक की किसी भी तरह की भ्रामक या गलत पोस्ट को पुलिस हटाने से पीछे नहीं है। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया से हटाई जा रही हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने इससे जुड़ा कोई बयान नहीं दिया है।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां, आरोप-प्रत्यारोप और भ्रामक पोस्ट भी तेजी से सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीय निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में सोशल मीडिया सेल और सोशल वालंटियर सक्रिय कर दिए गए हैं, जो फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही सामग्री पर नजर रख रहे हैं। खबर है कि गोरखपुर जोन में 127 आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस किसी भी ऐसी पोस्ट पर विशेष नजर रख रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं भड़कने, अफवाह फैलने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश के बाद सभी जिलों को सोशल मीडिया की निगरानी और आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। एसआईटी की जांच पर सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी, भ्रामक दावे या जांच को प्रभावित करने वाली टिप्पणियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, अधिकारी निगरानी की प्रक्रिया पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जोन में इस प्रकरण से जुड़ी 127 आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाई जा चुकी हैं। कई पोस्ट को ब्लॉक कराया गया है, जबकि कुछ मामलों में संबंधित यूजरों की पहचान भी की जा रही है। जिम्मेदारों का कहना है कि यदि किसी पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास पाया गया, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





