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Shimla. शिमला। राजधानी शिमला के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के बाहर स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल को मौत के घाट उतारने के मामले में 40 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शिमला की जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस की नजर उस सवाल पर टिकी है, जिसका जवाब पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है कि आखिर स्कूल संचालिका की हत्या के पीछे कौन था और इस वारदात की साजिश किसने रची। मंगलवार को शिमला की जिला अदालत के कोर्ट नंबर-5 में दोनों आरोपियों को पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस 22 जून को उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी।
पेशी के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे और दोनों आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे में कोर्ट लाया गया। पुलिस ने सोमवार को दोनों हमलावरों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष, निवासी झज्जर हरियाणा और दीपक, निवासी रोहतक हरियाणा के रूप में हुई है। जांच की असली चुनौती अभी बाकी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों शूटरों को किसने भेजा, हत्या की सुपारी किसने दी और इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। मनीषा मित्तल के परिवार में स्कूल और संपत्ति को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है, जिसे जांच का एक अहम पहलू माना जा रहा है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। उनका कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी।
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