भारत

महंगी हुई चाय की चुस्की, समोसे के बराबर रेट

Shantanu Roy
19 May 2026 4:48 PM IST
महंगी हुई चाय की चुस्की, समोसे के बराबर रेट
x
Market. मंडी। मंडी में ‘चाय की चुस्की’ अब कड़वी होने लगी है। आलम यह है कि छोटी दुकानों से लेकर बड़े ढाबों तक, चाय ने अपनी पुरानी कीमतों को पीछे छोड़ते हुए 15 रुपए या इससे अधिक का आंकड़ा छू लिया है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ समय से समोसे और चाय के बीच कीमतों को लेकर जो ‘रेस’ चल रही थी, उसमें अब दोनों 15-15 रुपये की बराबरी पर आकर खड़े हो गए हैं। बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों और मालभाड़े में वृद्धि
ने पहले ही आम जनता की कमर तोड़ रखी थी, रही-सही कसर कमर्शियल गैस सिलेंडरों और दूध के दामों ने पूरी कर दी है। दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और गैस सिलेंडर के ‘गर्म’ तेवरों ने दुकानदारों को चाय के दाम बढ़ाने पर मजबूर कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि पुरानी कीमतों पर चाय बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा था। एक समय था जब मेहनत-मजदूरी करने वाला व्यक्ति दिन भर की थकान मिटाने के लिए चाय का सहारा लेता था, लेकिन अब महंगाई के कारण यह प्याली भी दूर होती जा रही है।


चाय की दुकानों पर जहां हार-जीत और राजनीति के फैसले होते थे, वहां अब लोग ऑर्डर देने से पहले अपनी जेब टटोल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे मजबूरन दाम बढ़ा रहे हैं। व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों ने छोटे ढाबा संचालकों और चाय विक्रेताओं का बजट बिगाड़ दिया है। एक तरफ चुनावी माहौल गरमाया हुआ है, जहां चाय की दुकानों पर नेताओं की हार-जीत तय होती थी, वहीं अब लोग चाय का ऑर्डर देने से पहले जेब टटोल रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ नेता वादों की मिठास घोल रहे हैं, और दूसरी तरफ चाय की कड़वाहट (कीमत) गला सुखा रही है।
दुकानदारों का तर्क
है कि महंगाई के दौर में पुरानी कीमतों पर टिके रहना मुमकिन नहीं था। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों ने मुनाफे को धुएं में उड़ा दिया है। वहीं चीनी, पत्ती और अब दूध के महंगे होने से चाय का जायका महंगा हो गया है। मंडी में कचौरी के दाम पहले ही बढ़ चुके थे, अब चाय ने भी अपनी धमक दिखा दी है। इससे सहज पता चलता है कि प्रत्येक खाद्य वस्तुओं की आपस में खुद दौड़ ली है। दुकानदारों का कहना है कि सामान महंगा हो गया है। सिलेंडर से लेकर दूध और चीनी तक के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में पुरानी कीमतों पर चाय बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा था।
Next Story