भारत
100 साल का गौरवशाली इतिहास, अब 51 छात्रों तक सिमटा धर्मशाला का ब्वायज स्कूल
Shantanu Roy
8 July 2026 5:36 PM IST

x
Hospice. धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला का ऐतिहासिक ब्वायज स्कूल अपने सुनहरे अतीत की एक छवि मात्र बनकर रह गया है। वर्ष 1926 में शुरू हुआ यह स्कूल इस वर्ष अपने सौ वर्ष पूर्ण करने वाला था लेकिन स्कूल के शताब्दि वर्ष में अनेक अनिश्चितताओं के चलते अब स्थिति ऐसी बन गई है कि कभी हजारों की संख्या में विद्यार्थियों का साक्षी बन चुका यह स्कूल एक सौ छात्रों के लिए भी तरसता नजर आ रहा है। फिलहाल स्थिति ऐसी है कि 70 कनाल के कैंपस वाले स्कूल में कुल 51 ही विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से 44 छात्र व मात्र सात छात्राएं हैं। इन विद्यार्थियों हेतु स्कूल में सात नियमित व छह वोकेशनल शिक्षकों को मिलाकर कुल 13 शिक्षक कार्यरत हैं। भूमि प्रति विद्यार्थी के अनुपात की बात करें तो इस स्कूल में फिलहाल प्रति विद्यार्थी 1.37 कनाल भूमि उपलब्ध है। लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। कुछ वर्ष पूर्व की बात करें तो सैंकड़ों छात्र धर्मशाला के इस ऐतिहासिक स्कूल में अध्ययनरत थे लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में कमी आने लगी।
वर्ष 2025-26 के सत्र में ब्वायज़ स्कूल में छात्रों की संख्या घट कर केवल 212 रह गई थी। वर्ष 2026 में सरकार द्वारा छात्र व कन्या विद्यालयों का विलय कर एक को-एड सीबीएसई संबद्ध वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया तथा डीपो बाजार स्थित गल्र्स स्कूल को लीड स्कूल बना कर ब्वायज़ स्कूल को उसी में मर्ज करने का निर्णय लिया गया। लेकिन कुछ ही समय उपरांत सरकार द्वारा ब्वायज़ स्कूल को लीड स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया तथा गल्र्स स्कूल को ब्वायज़ स्कूल में मर्ज किया जाना तय हुआ। लेकिन गल्र्स स्कूल की छात्राओं व उनके अभिभावकों ने इस निर्णय का विरोध किया तथा ब्वायज़ स्कूल में ऐडमिशन लेने से साफ मना कर दिया। छात्राओं द्वारा लगातार प्रदर्शन व पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी से सहायता की प्रार्थना के उपरांत सरकार द्वारा अंतत: गल्र्स स्कूल को सीबीएसई संबद्ध वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व ब्वायज़ स्कूल के स्थान पर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध राजकीय उच्च विद्यालय बनाया जाना तय हुआ। दोनों स्कूल में को-एड आधार पर छात्र व छात्राओं दोनों एक साथ पढऩे वाले थे। इस निर्णय के उपरांत ब्वायज़ स्कूल परिसर में 11वीं व 12वीं में ऐडमिशन ले चुके विद्यार्थियों को गल्र्स स्कूल के स्थान पर बनाए गए पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्थानांतरित होना पड़ा।
Tagsहिमाचल प्रदेश न्यूज हिंदीहिमाचल प्रदेश न्यूजहिमाचल प्रदेश की खबरहिमाचल प्रदेश लेटेस्ट न्यूजहिमाचल प्रदेश न्यूज अपडेटहिमाचल प्रदेश हिंदी न्यूज टुडेहिमाचल प्रदेश हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश हिंदी खबरहिमाचल प्रदेश समाचार लाइवHimachal Pradesh News HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh Latest NewsHimachal Pradesh News UpdatesHimachal Pradesh Hindi News TodayHimachal Pradesh HindiNews Hindi News Himachal PradeshHimachal Pradesh Hindi NewsHimachal Pradesh News Live
Next Story





