टिकट कलेक्टर बनकर लड़की ने की 18 लाख की ठगी, नियुक्ति पत्र फर्जी होने के बाद खुलासा

गोरखपुर। गोरखपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। एक लड़की ने खुद को रेलवे में टिकट कलेक्टर बताकर दो लड़कों से नौ-नौ लाख रुपये ऐंठ लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। मामले के खुलासे के बाद पीपीगंज पुलिस ने लड़की समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं ठगे जाने के बाद दोनों लड़के बुरी तरह परेशान हैं और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पीपीगंज नगर पंचायत वार्ड नंबर आठ, शक्तिनगर हरपुर निवासी दीपभान पुत्र श्रीराम और जितेंद्र कुमार सहानी पुत्र भरोसा ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात सहजनवा क्षेत्र के सिसई गांव निवासी सत्यरुपा सिंह से हुई थी। लड़की ने खुद को रेलवे में टिकट कलेक्टर बताते हुए कहा कि वह उन्हें रेलवे ग्रुप डी में क्लर्क की नौकरी दिला सकती है।
दोनों लड़के उसके झांसे में आ गए। उन्होंने वर्ष 2024 में नौ-नौ लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में जमा कर दिए। आरोप है कि सत्यरुपा सिंह ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट भी दिलाई। लेकिन जब दोनों लड़के ज्वाइनिंग के लिए रेलवे कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि सारे दस्तावेज फर्जी हैं। यह जानकर उनके होश उड़ गए। उन्हें कुछ नहीं सूझा। ठगे जाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से सारे मामले की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर केस दर्ज किया। दोनों लड़कों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सत्यरुपा सिंह, अरुण कुमार, मानवेन्द्र कुमार, सत्यम सिंह, अंकुर मिश्रा और बालमुकुंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि यह केस ऑनलाइन ठगी और दस्तावेज जालसाजी से जुड़ा है। जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है।





