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लिव-इन रिलेशन में रह रही युवती की संदिग्ध हालात में मौत, खेत में दफनाया शव बरामद

Shantanu Roy
24 May 2025 8:10 PM IST
लिव-इन रिलेशन में रह रही युवती की संदिग्ध हालात में मौत, खेत में दफनाया शव बरामद
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बड़ी खबर
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लिव-इन रिलेशन में रह रही एक युवती की मौत के बाद उसका शव खेत में दफन कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस ने शनिवार दोपहर खेत से युवती का शव बरामद किया। इस वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और गांव में आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
घटना का खुलासा ऐसे हुआ
घटना घाटोल थाना क्षेत्र के गर्णावट गांव की है। शनिवार सुबह 9 बजे झरकनिया गांव निवासी लालशंकर निनामा थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसकी 19 वर्षीय बेटी बिपाशा पिछले 5 महीने से गर्णावट गांव निवासी प्रदीप (22) के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। पिता ने बताया कि गांव के कुछ परिचितों ने सूचना दी थी कि बिपाशा पिछले 2-3 दिनों से नजर नहीं आ रही है, जिससे उन्हें शक हुआ कि उसकी हत्या कर दी गई है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की
शिकायत मिलने के बाद सीआई प्रवीण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गर्णावट गांव पहुंची और आरोपी प्रदीप को हिरासत में लिया। पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो बिपाशा वहां नहीं मिली। पूछताछ में प्रदीप शुरुआत में गुमराह करने वाली बातें करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने कबूल किया कि 20 मई की रात उसका बिपाशा से झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद बिपाशा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। प्रदीप ने बताया कि उसने डर के चलते शव को घर से हटाकर खेत में दफना दिया।
शव बरामद, सुसाइड के दावे पर संदेह
प्रदीप की निशानदेही पर पुलिस टीम शनिवार दोपहर करीब 11:30 बजे खेत पहुंची। मौके पर एसडीएम और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम की मौजूदगी में खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया। जांच के दौरान एफएसएल टीम ने पाया कि बिपाशा के गले पर रस्सी या दुपट्टे के कोई निशान नहीं थे, जो आमतौर पर फांसी के मामलों में पाए जाते हैं। इसके आधार पर टीम ने आशंका जताई कि बिपाशा की हत्या गला दबाकर की गई हो सकती है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
बिपाशा का शव पोस्टमॉर्टम के लिए बांसवाड़ा जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि मौत का असल कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी प्रदीप को हिरासत में रखकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
गांव में तनाव का माहौल
जब पुलिस शव को अस्पताल ले जा रही थी, उस दौरान बिपाशा के परिजन और गांव के अन्य लोग गुस्से में आ गए। उन्होंने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें शांत कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। परिजनों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उसे जल्द सजा मिले।
पृष्ठभूमि: लिव-इन का रिश्ता और सामाजिक विरोध
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2024 में प्रदीप, बिपाशा को अपने साथ लेकर घर से भाग गया था। दोनों कुछ समय उदयपुर में रहे और फिर 23 अप्रैल 2025 को अपने गांव गर्णावट लौट आए। इसके बाद वे प्रदीप के परिवार के साथ ही लिव-इन में रह रहे थे। हालांकि, सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर यह रिश्ता स्वीकार नहीं किया गया था। बिपाशा अपने पिता लालशंकर निनामा की 12 संतानों में 10वें नंबर की बेटी थी। उसने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी।
पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता की प्रशंसा
पुलिस ने जिस तेजी और संवेदनशीलता से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया और शव को बरामद किया, उसकी सराहना हो रही है। सीआई प्रवीण सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
न्याय की मांग
परिवार और गांव के लोग बिपाशा को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि आरोपी को कठोर से कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई और लड़की इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो। यह मामला केवल एक युवती की हत्या का नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते लिव-इन रिलेशनशिप और उससे जुड़े खतरों की ओर भी इशारा करता है। पुलिस की आगे की जांच इस बात का खुलासा करेगी कि यह हत्या थी या आत्महत्या — लेकिन अभी के तथ्य हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
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