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सोलन। सोलन में आरएलए कार्यालय से जुड़ा वाहन पंजीकरण घोटाला लगातार गहराता जा रहा है। जांच आगे बढऩे के साथ-साथ फर्जीवाड़े की नई-नई परतें खुल रही हैं। ताजा खुलासे में सामने आया है कि जिस क्लर्क पर फर्जी वाहन पंजीकरण के गंभीर आरोप हैं, उसने न केवल अपने नाम से बल्कि एसडीएम सोलन की भी फर्जी लॉगिन आईडी बना रखी थी। इस खुलासे के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया है। मामला चर्चा में आने के बाद एसडीएम सोलन ने अपने स्तर पर जांच शुरू करवाई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि संबंधित क्लर्क ने एसडीएम के नाम से भी एक फर्जी लॉगिन आईडी तैयार की थी, जिसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े के लिए किया जा सकता था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस फर्जी एसडीएम आईडी से किसी वाहन का पंजीकरण किया गया है या नहीं।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस फर्जी आईडी की पूरी तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि इससे कितने वाहनों का पंजीकरण हुआ है या प्रयास किया गया। एसडीएम सोलन ने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आरएलए सोलन के एक कर्मचारी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में पाया गया कि वाहन पोर्टल के यूजर एडमिन सेक्शन मेंए जहां नियमानुसार आरएलए कम एसडीएम का फोन नंबर होना चाहिए था, वहां उक्त कर्मचारी का नंबर दर्ज मिला। शातिरों ने 29 अक्तूबर, 2025 को दो फर्जी आईडी तैयार की थीं, जिसमें एक आईडी कर्मचारी के नाम पर और दूसरी आरएलए कम एसडीएम के नाम पर बनाई गई थी।
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