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मुंबई। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। गुरुवार को संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड में राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने 'बाप्पा कट्टा' का उद्घाटन किया। यह पहल महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा संचालित 'Bappa.org' कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके माध्यम से गणेशोत्सव से जुड़ी परंपराओं, कहानियों और ऐतिहासिक जानकारियों को आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले वर्ष से गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव के रूप में मनाने की शुरुआत की है। इसी के तहत राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए पिछले ढाई महीने से 'Bappa.org' पहल संचालित की जा रही थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं से लेकर सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों तक अनेक ऐसी परंपराएं और कहानियां हैं, जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।
मंत्री शेलार के अनुसार, इन परंपराओं, रीति-रिवाजों और महत्वपूर्ण जानकारियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'Bappa.org' की शुरुआत की गई थी। अब इस पहल को आगे बढ़ाते हुए 'बाप्पा कट्टा' के माध्यम से नागरिकों को सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 'बाप्पा कट्टा' केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर इसका विस्तार किया जाएगा। इसमें आम नागरिकों, गणेश भक्तों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास होगा।
इस पहल के माध्यम से लोगों को गणेशोत्सव से जुड़े अपने अनुभव, पारिवारिक परंपराएं और पीढ़ियों से चली आ रही रोचक कहानियां साझा करने का अवसर मिलेगा। इससे नई पीढ़ी को भी राज्य की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने और समझने में मदद मिल सकती है। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। सार्वजनिक गणेशोत्सव के आयोजन में विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेते हैं। ऐसे में राज्य सरकार की यह पहल धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक संवाद को भी बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बांद्रा बैंडस्टैंड पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गणेशोत्सव से जुड़े अनुभवों और जानकारियों को संरक्षित कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। 'बाप्पा कट्टा' के विस्तार से स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना इस मंच के माध्यम से गणेशोत्सव की विविध परंपराओं को एक साझा पहचान देने की है।
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