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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला, 9 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी, देखें लिस्ट...

SHIDDHANT
29 Oct 2026 10:19 PM IST
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला, 9 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी, देखें लिस्ट...
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कॉलेजियम की हरी झंडी
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में नौ अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश को मंजूरी दी गई। इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कॉलेजियम द्वारा जिन नौ अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी दी गई है, उनमें विशाल शर्मा, विक्रम कुमार शर्मा, नामग्याल वांगचुक, पवन कुमार कुंडल, ताहिर माजिद शम्सी, तबस्सुम जफर, अमित गुप्ता, प्रणव कोहली और अनुपम रैना शामिल हैं।





कॉलेजियम की बैठक में इन अधिवक्ताओं के नामों पर विचार-विमर्श के बाद नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। हालांकि, कॉलेजियम की मंजूरी का अर्थ तत्काल नियुक्ति नहीं है। निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तथा केंद्र सरकार द्वारा औपचारिक अधिसूचना जारी किए जाने के बाद ही संबंधित अधिवक्ता न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल सकेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 25 है। इनमें 19 स्थायी और छह अतिरिक्त न्यायाधीशों के पद शामिल हैं। रिक्त पदों को भरने से न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ाने और लंबित मामलों के निस्तारण में सहायता मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले अप्रैल 2026 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट कॉलेजियम ने एक साथ 11 नामों की सिफारिश की थी। इनमें दस अधिवक्ता और एक न्यायिक अधिकारी शामिल थे। उस समय न्यायिक नियुक्तियों में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई थी।विशेष रूप से तबस्सुम जफर का नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह कश्मीर की महिला अधिवक्ता हैं। उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने पर वह कश्मीर क्षेत्र से हाईकोर्ट की न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला अधिवक्ता हो सकती हैं। यह न्यायपालिका में महिला प्रतिनिधित्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
न्यायिक व्यवस्था में कॉलेजियम प्रणाली के माध्यम से उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की जाती है। इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों की पेशेवर योग्यता, अनुभव और अन्य संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में नौ अधिवक्ताओं की नियुक्ति की सिफारिश से न्यायिक सेवाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पूरा होना आवश्यक है। कानूनी जानकारों के अनुसार, उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को समय पर भरना न्यायिक व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त न्यायाधीशों की उपलब्धता से मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के संचालन में मदद मिल सकती है।
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