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हॉस्टल में 9वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर की खुदकुशी, परिजन सदमें में

Shantanu Roy
23 July 2025 5:52 PM IST
हॉस्टल में 9वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर की खुदकुशी, परिजन सदमें में
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जांच में जुटी पुलिस
Barmer. बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बुधवार सुबह हॉस्टल के कमरे में चुन्नी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। बच्ची का तीन दिन पहले ही स्कूल में एडमिशन हुआ था, और वह स्कूल के पास स्थित सरकारी हॉस्टल में रह रही थी। घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है, जब छात्रा स्कूल से लंच करने के लिए हॉस्टल लौटी थी।
उसके साथ अन्य छात्राएं भी थीं, लेकिन खाना खाकर सभी छात्राएं स्कूल लौट गईं, जबकि वह कमरे में ही रुक गई। कुछ समय बाद जब वह स्कूल नहीं लौटी, तो टीचर ने एक सहपाठी को उसे बुलाकर लाने को कहा। क्लासमेट जब हॉस्टल पहुंची तो कमरे का नज़ारा देखकर उसके होश उड़ गए। छात्रा पंखे से लटकी हुई थी। क्लासमेट ने तुरंत हॉस्टल स्टाफ और स्कूल प्रशासन को सूचना दी। वार्डन और स्टाफ बच्ची को चौहटन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हॉस्टल के कमरे में मिला दो चुन्नियों से बना फंदा
पुलिस और हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा की उम्र करीब 14 वर्ष थी। उसने खुद को फांसी देने के लिए चुन्नी का इस्तेमाल किया था। एक चुन्नी छोटी पड़ने पर उसने दो चुन्नियों को जोड़कर फंदा तैयार किया और पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि बच्ची का स्कूल से हॉस्टल की दूरी करीब 50 मीटर है। वह रोज़ स्कूल से दोपहर का भोजन करने हॉस्टल आती थी और फिर स्कूल लौटती थी। बुधवार को वह स्कूल से निकली तो लंच के बाद हॉस्टल के कमरे में चली गई, लेकिन दोबारा स्कूल नहीं लौटी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, कारण अज्ञात
पुलिस को सुबह सुसाइड की सूचना मिली थी। चौहटन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। बच्ची को पहले अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित किया गया। इसके बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया और पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। दोपहर करीब 3 बजे परिजन हॉस्पिटल पहुंचे। पुलिस ने उन्हें साथ लेकर हॉस्टल में मौके की जांच की। कमरे में दो चुन्नियों को जोड़कर बनाए गए फंदे को देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई। फिलहाल छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल स्टाफ, हॉस्टल वार्डन, अन्य छात्राओं से पूछताछ की जा रही है।
तीन दिन पहले ही हुआ था एडमिशन
मृतक छात्रा का एडमिशन इस सरकारी स्कूल में महज तीन दिन पहले ही करवाया गया था। वह पास ही के किसी गांव की रहने वाली थी और स्कूल के पास स्थित सरकारी छात्रावास में रह रही थी। उसके हॉस्टल में रहने की व्यवस्था परिजनों द्वारा की गई थी ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। इस अचानक हुई त्रासदी से पूरा विद्यालय परिसर स्तब्ध है। स्टाफ और छात्राओं को यकीन नहीं हो रहा कि एक शांत और नई छात्रा इस तरह का कदम उठा सकती है।
पुलिस कर रही है हर एंगल से जांच
चौहटन थाना पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है। स्कूल और हॉस्टल के स्टाफ, सहपाठियों और वार्डन से पूछताछ की जा रही है कि कहीं छात्रा किसी तनाव, दबाव या डर में तो नहीं थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिछले तीन दिनों में हॉस्टल में छात्रा के व्यवहार में कोई बदलाव आया था या किसी के साथ कोई विवाद हुआ था।
बच्ची के माता-पिता सदमे में
जब दोपहर में बच्ची के माता-पिता हॉस्पिटल पहुंचे और शव को देखा तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने बड़ी उम्मीदों से बेटी का स्कूल में एडमिशन करवाया था और उसे पढ़ाकर कुछ बड़ा बनाना चाहते थे। लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि उनकी बेटी इतनी जल्दी इस दुनिया को छोड़ देगी।
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