
रेलवे डॉट पुल के सामने साउथ मलाका चौराहा स्थित दो मंजिला मकान में 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य अपनी पत्नी 65 वर्षीय अनीता, 40 वर्षीय अविवाहित बेटी मीनाक्षी और 38 वर्षीय बेटे अभिषेक के साथ पहली मंजिल पर रहते थे। मकान के भूतल में करीब 14 दुकानें हैं, जिसमें से एक दुकान में बेटी गिफ्ट कॉर्नर और बेटा कलर लैब चलाता था, जबकि बाकी दुकानें किराए पर दी गई हैं। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे आसपास के लोगों ने वीरेंद्र के मकान से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने चैनल का ताला तोड़कर मकान के अंदर प्रवेश किया तो एक कमरे में वीरेंद्र और अनीता और दूसरे कमरे में मीनाक्षी का शव पड़ा मिला। इसके बाद तलाशी के दौरान भूतल स्थित कलर लैब में एक युवक का शव बरामद हुआ। युवक का चेहरा केमिकल से जलाए जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस को आशंका है कि वह वीरेंद्र का बड़ा बेटा अभिषेक हो सकता है।
प्रारंभिक जांच में सभी की हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार से किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पूछताछ में यह भी पता चला कि वीरेंद्र वैश्य ने छोटे बेटे अश्वनी को कई साल पहले बेदखल कर दिया था, जबकि बड़े बेटे अभिषेक से भी उनका संपत्ति का विवाद चल रहा था। पड़ोसियों ने परिवार के सदस्यों को आखिरी बार रविवार सुबह देखा था। पुलिस को कमरे से एक हथौड़ी भी मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि हत्याकांड को दो से तीन दिन पहले अंजाम दिया गया। वारदात के बाद मकान बंद कर आरोपी फरार हो गए। घटनास्थल पर पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा, डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ पहुंच गए। पुलिस संपत्ति विवाद, पारिवारिक रंजिश और लूट समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है।





