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CISF जवान समेत 23 की मौत, जम्मू में बादल फटने की घटना

Shantanu Roy
14 Aug 2025 5:06 PM IST
CISF जवान समेत 23 की मौत, जम्मू में बादल फटने की घटना
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Kishtwar. किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार दोपहर पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में अचानक बादल फटने की घटना हुई। यह हादसा दोपहर 12:30 बजे हुआ, जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा में हिस्सा लेने के लिए गांव पहुंचे थे। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 17 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 12 शव बरामद किए गए हैं। साथ ही, 65 से अधिक लोग सुरक्षित बचाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु यात्रा की शुरुआत के लिए गांव में इकट्ठा थे। घटना स्थल पर बसें, टेंट, लंगर और दुकानों सहित कई संरचनाएं बाढ़ के पानी और मलबे में बह गईं।


मचैल माता यात्रा का विवरण
मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में आयोजित होती है। यह यात्रा 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी और इसमें हजारों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। यात्रा मार्ग जम्मू से किश्तवाड़ तक लगभग 210 किमी लंबा है। पड्डर से चशोटी तक 19.5 किमी सड़क मार्ग से गाड़ियां चल सकती हैं, जबकि चशोटी से मचैल तक 8.5 किमी की पैदल यात्रा होती है।
बचाव और राहत कार्य
आपदा के तुरंत बाद सेना और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। अचानक आई बाढ़ में फंसे चार लोगों को सेना ने रेस्क्यू किया और उन्हें पूह मिलिट्री कैंप में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के ऊना, कुल्लू के बंजार सब डिवीजन, शिमला के जुब्बल और मंडी के थुनाग में स्कूलों को बंद कर दिया गया। हिमाचल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HIMAP) ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 396 सड़कें बंद हो गई हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
हादसे की वजह और चुनौतियां
किश्तवाड़ और हिमाचल प्रदेश में हुई घटनाओं में भारी बारिश और बादल फटने को मुख्य कारण माना जा रहा है। पड्डर में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और बाढ़ के पानी में फंसी बसें और टेंट बचाव कार्य में बाधक बने। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूस्खलन और मलबे की वजह से बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। सेना और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मियों ने पैदल ही प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकाला।
प्रशासनिक कार्रवाई
किश्तवाड़ जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत आपातकालीन केंद्र स्थापित किए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य में जुटी हैं। फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर और सैनिकों की टीमें तैनात की गई हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों और राहत एजेंसियों ने प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सामग्री, तंबू और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई है।
पीएम मोदी और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किश्तवाड़ और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया और प्रभावितों की मदद के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कश्मीर, हिमाचल और जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश जारी रह सकती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मचैल माता यात्रा जैसे आयोजनों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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