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657 करोड़ के बैंक घोटाले में 2 IAS गिरफ्तार, 5 और रडार में

Nilmani Pal
27 Jun 2026 7:57 AM IST
657 करोड़ के बैंक घोटाले में 2 IAS गिरफ्तार, 5 और रडार में
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हरियाणा। हरियाणा में 657 करोड़ रुपये के बड़े बैंक घोटाले में कई आईएएस अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में सीबीआई ने अब तक दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक सस्पेंड आईएएस अधिकारी फरार है। इसके अलावा, पांच अन्य आईएएस अधिकारी भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं और उन पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इस महाघोटाले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के अधिकारियों ने कथित तौर पर हरियाणा सरकार के कर्मचारियों और आईएएस अधिकारियों के साथ मिलीभगत की। इस गठजोड़ ने राज्य के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों से फंड की हेराफेरी करके 657 करोड़ रुपये का घोटाला किया।

ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में सस्पेंड किए गए 2011 बैच के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार फरार चल रहे हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, वे अपने गुरुग्राम स्थित घर से गायब हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार 'स्विच ऑफ' आ रहा है। प्रदीप कुमार पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के मेंबर सेक्रेटरी (31 अगस्त 2022 से 10 दिसंबर 2025 तक) रहते हुए आईडीएफसी बैंक में खोले गए एक खाते से 169 करोड़ रुपये का गबन किया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदीप कुमार ने पंचकूला की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अदालत ने शुक्रवार को सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई (2 जुलाई) पर आरोपी की अन्य लंबित जमानत याचिकाओं का विवरण पेश किया जाए। प्रदीप कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में करनाल में सिटी मजिस्ट्रेट के तौर पर की थी और बाद में उन्हें एचसीएस (HCS) से आईएएस में प्रमोट किया गया था। उन्हें राम कुमार के साथ 8 अप्रैल को सस्पेंड कर दिया गया था।

एचएसपीसीबी से जुड़े गबन के मामले में सीबीआई ने 23 जून को बोर्ड के डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरव शर्मा को भी गिरफ्तार किया था। उस पर नियमों का उल्लंघन करते हुए निजी बैंकों में निवेश कराने और बोर्ड को 169.36 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि इस फंड को फर्जी (शेल) कंपनियों में डायवर्ट किया गया:

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